महिला हिंसा के विरुद्ध एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित — 61 महिलाओं ने लिया हिस्सा

लखनऊ। सब तक एक्सप्रेस |
इनिशिएटिव फाउंडेशन द्वारा ग्राम पंचायत भवन, शिवरी (लखनऊ) में “महिला हिंसा के विरुद्ध एक दिवसीय प्रशिक्षण” का आयोजन किया गया, जो सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चला। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को हिंसा के विभिन्न रूपों, कानूनी अधिकारों, सहायता प्रणालियों और समुदाय में जागरूकता बढ़ाने की जिम्मेदारी के प्रति संवेदनशील बनाना था।
कानूनी जागरूकता सबसे बड़ा हथियार — अधिवक्ता वीरेंद्र त्रिपाठी
कार्यक्रम में हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता वीरेंद्र त्रिपाठी ने महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों, सुरक्षा कानूनों और उपलब्ध सहायता तंत्रों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा,
“महिलाओं को अपने अधिकारों की जानकारी होना ही हिंसा के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार है।”
समुदाय की भूमिका महत्वपूर्ण — निदेशक अमित
संस्थान के निदेशक अमित ने कहा कि महिला हिंसा रोकने के लिए समुदाय की सक्रिय और संवेदनशील भूमिका अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जब महिलाएँ संगठित और जागरूक होती हैं, तो परिवर्तन स्वतः शुरू होता है।
“डरें नहीं, अधिकार समझें” — मिशन शक्ति प्रभारी दिनेश कुमारी
कार्यक्रम में उपस्थित मिशन शक्ति प्रभारी, थाना काकोरी की वरिष्ठ एसआई दिनेश कुमारी ने महिला हेल्पलाइन और सुरक्षा उपायों के बारे में बताया। उन्होंने कहा,
“महिलाओं को डरने की नहीं, अपने अधिकारों को जानकर आवाज़ उठाने की जरूरत है। पुलिस हर उस महिला के साथ है जो न्याय चाहती है।”
61 महिलाओं की सक्रिय भागीदारी
प्रशिक्षण में कुल 61 महिलाओं ने हिस्सा लिया। इसमें संस्था की टीम सदस्य हेमा यादव, पूजा, वर्तिका, आकांक्षा, सालू, पूजा शर्मा, आंचल सहित सामुदायिक नेता, आशा बहु, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और स्वयं सहायता समूह की महिलाएँ शामिल रहीं।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने हिंसा की पहचान, रोकथाम, नेतृत्व, कानूनी प्रक्रिया और सामुदायिक एक्शन के व्यावहारिक पहलुओं पर चर्चा की।
संकल्प के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने संकल्प लिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में महिलाओं के लिए जागरूकता, सुरक्षा और सशक्तिकरण का अभियान आगे बढ़ाएँगी।



