उमरिया रेलवे स्टेशन पर बड़ा हादसा — ट्रेन में रिश्तेदारों को बैठाने पहुंचे व्यक्ति की मौत, GRP की अनुपस्थिति पर उठे सवाल

सब तक एक्सप्रेस के लिए बड़ी खबर
ब्यूरो चीफ उमरिया — राहुल शीतलानी
उमरिया। बिलासपुर–भोपाल पैसेंजर ट्रेन में अपनी रिश्तेदार को बैठाने पहुंचे प्रताप मिसाह उर्फ मोहन मिसाह (उम्र 55 वर्ष), निवासी मोहनपुरी, की सोमवार सुबह उमरिया रेलवे स्टेशन पर दर्दनाक रेल हादसे में मौत हो गई। मृतक अपनी पत्नी की बहन को ट्रेन में बैठाने स्टेशन पहुंचे थे, इसी दौरान वे हादसे का शिकार हो गए।
घटना डाउन लाइन, प्लेटफॉर्म नंबर-2 की बताई जा रही है। हादसे के तुरंत बाद रेल सुरक्षा बल (RPF) उमरिया ने शव को कब्जे में लेकर स्टेशन परिसर में ही सुरक्षित रखा। लेकिन GRP पुलिस घटनास्थल पर करीब 10 बजे पहुंची, जिसके बाद पंचनामा तैयार कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
स्टेशन पर GRP चौकी मौजूद, फिर भी कोई पुलिसकर्मी तैनात नहीं!
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि उमरिया रेलवे स्टेशन पर GRP पुलिस चौकी होने के बावजूद वहां एक भी पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था।
इससे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक उजागर हुई है।
जब GRP शहडोल के R.M. Ghariya से बात की गई तो उन्होंने बताया कि—
“उमरिया GRP चौकी प्रभारी सरफराज खान शहडोल और उमरिया दोनों जगह का काम देखते हैं।”
उठते सवाल: स्टाफ की कमी या लापरवाही?
सूत्रों के अनुसार, शहडोल GRP में पर्याप्त स्टाफ की उपलब्धता है। इसके बावजूद उमरिया रेलवे स्टेशन पर—
- GRP चौकी खाली क्यों रहती है?
- हादसे जैसी आपात स्थितियों में पुलिस कर्मी समय से मौजूद क्यों नहीं रहते?
- सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी और निगरानी कितनी प्रभावी?
ये सवाल अब GRP की कार्यशैली और स्टेशन सुरक्षा के इंतजामों पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा रहे हैं।
परिजनों में शोक, जांच की मांग तेज
हादसे के बाद मृतक के परिजनों में मातम पसरा हुआ है। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि स्टेशन पर लगातार GRP की गैर-मौजूदगी से यात्रियों की सुरक्षा जोखिम में रहती है।
लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।

सब तक एक्सप्रेस
ब्यूरो चीफ उमरिया — राहुल शीतलानी



