उत्तर प्रदेशटॉप न्यूजदिल्लीबड़ी खबरराज्यराष्ट्रीयलखनऊसीतापुरसोनभद्र

लहरपुर के बीडीओ पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों पर राज्यपाल ने लिया संज्ञान

सब तक एक्सप्रेस
सीतापुर। लहरपुर विकासखंड में तैनात खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) शैलेन्द्र सिंह यादव पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर मामला अब राजभवन तक पहुंच गया है। राज्यपाल ने पूरे प्रकरण का संज्ञान लेते हुए विस्तृत जांच रिपोर्ट एवं स्पष्टीकरण तलब किया है।
मामला मनरेगा भुगतान में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भाजपा एवं पूर्व सांसद रेखा अरुण वर्मा ने सितंबर माह में मनरेगा भुगतान में गड़बड़ी को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर शिकायत की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि लहरपुर ब्लॉक को मनरेगा के तहत 53 लाख 90 हजार रुपये का बजट आवंटित किया गया था, लेकिन बीडीओ द्वारा अन्य ब्लॉकों के हिस्से का बजट जोड़ते हुए 1 करोड़ 36 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया।
इसके साथ ही पूर्व सांसद ने यह भी आरोप लगाया था कि मनरेगा के अंतर्गत जीएसटी भुगतान के लिए प्राप्त 18 लाख रुपये की राशि से सामग्री आपूर्ति का भुगतान कर सरकार को राजस्व क्षति पहुंचाई गई। शिकायत की जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद बीडीओ शैलेन्द्र यादव का मनरेगा डोंगल राज्य मुख्यालय द्वारा निरस्त कर दिया गया था।
अब राज्यपाल की ओर से उप सचिव द्वारा पत्र जारी कर पूरे मामले में विस्तृत जांच रिपोर्ट एवं आरोपों सहित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि दंड की संस्तुति किए बिना तथ्यात्मक रिपोर्ट भेजी जाए।

पूर्व में भी हो चुकी है कार्रवाई

बीडीओ शैलेन्द्र यादव पर इससे पहले भी कार्रवाई हो चुकी है। बीते वर्ष दिसंबर माह में एलिया ब्लॉक में तैनाती के दौरान प्रधान संघ अध्यक्ष की शिकायत पर मामला सामने आया था। उस समय पूर्व सांसद रेखा अरुण वर्मा ने उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से शिकायत की थी, जिसके बाद बीडीओ को राज्य मुख्यालय से संबद्ध किया गया था। लगभग दो माह बाद उन्हें पुनः जिले में तैनाती दी गई।

प्रधानों को परेशान करने के भी आरोप

लहरपुर में तैनाती के दौरान भी कई ग्राम प्रधानों ने बीडीओ पर कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए एसडीएम को ज्ञापन सौंपा था। इस संबंध में पूर्व सांसद रेखा अरुण वर्मा ने कहा कि उनकी लोकसभा क्षेत्र के प्रधानों द्वारा लगातार शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद मुख्यमंत्री को पूरे मामले से अवगत कराया गया।
रेखा अरुण वर्मा ने कहा कि “मोदी और योगी सरकार में जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम किया जा रहा है। भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
सब तक एक्सप्रेस

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!