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वाराणसी। धर्म और संस्कृति की नगरी काशी में इन दिनों वरुणा जोन की एडीसीपी नीतू कादयान चर्चा का विषय बनी हुई हैं। अपनी सख्त लेकिन संवेदनशील कार्यशैली के कारण वे आमजन में ‘लेडी सिंघम’ के नाम से पहचानी जा रही हैं। माफियाओं और अपराधियों के लिए जहां वे काल साबित हो रही हैं, वहीं आम नागरिकों के लिए सुरक्षा और भरोसे की मजबूत मिसाल बनकर उभरी हैं।
एडीसीपी नीतू कादयान के कार्यालय में फरियाद लेकर पहुंचने वाले लोगों का कहना है कि यहां सिर्फ सुनवाई ही नहीं होती, बल्कि समस्याओं का त्वरित समाधान भी सुनिश्चित किया जाता है। वे हर फरियादी की बात गंभीरता से सुनती हैं और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को तुरंत निर्देश देती हैं। उनका मानना है कि न्याय में देरी, अन्याय के समान है।
वरुणा जोन को अपराध मुक्त बनाने का उन्होंने स्पष्ट संकल्प लिया है। उनकी सख्त कार्रवाई और नियमित निगरानी के चलते अपराधियों में भय का माहौल है, जबकि आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। पुलिस की सक्रियता और जवाबदेही से क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार बेहतर हो रही है।
नीतू कादयान केवल एक सख्त अधिकारी ही नहीं, बल्कि जनता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाली अफसर के रूप में भी जानी जाती हैं। महिला सशक्तिकरण से लेकर आम नागरिक की सहायता तक, वे हर मोर्चे पर सक्रिय नजर आती हैं। यही कारण है कि वरुणा जोन की जनता उन्हें अपना सच्चा मार्गदर्शक और रक्षक मानती है।
एडीसीपी नीतू कादयान का कहना है कि उनका लक्ष्य सिर्फ कानून-व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास को इतना मजबूत करना है कि हर पीड़ित बेझिझक अपनी बात रख सके।
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