अंतर्राष्ट्रीय

यमनी हूथी ने रियाद में अरामको परिसर पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया

यमन के इरान समर्थित हूथी समूह ने शनिवार, 3 अक्टूबर 2026 को दावा किया कि उन्होंने सऊदी अरब की राजधानी रियाद में अरामको की एक सुविधा पर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन से हमला किया। यह हमला यमन के सांबा और अन्य प्रांतों पर सऊदी हमलों के जवाब में किया गया, जिसमें हूथी ने अपनी प्रतिक्रिया बताई।

रियाद में अरामको सुविधा पर हमला

रियाद में अरामको की सुविधा के पास शनिवार को आग और धुएं का बड़ा स्तंभ देखा गया। एक स्थानीय ने रॉयटर्स को बताया कि इस क्षेत्र में अचानक भारी धुआं उठा। हालांकि, अभी तक सऊदी अधिकारियों ने इस हमले की पुष्टि नहीं की है। अरामको की ओर से भी इस बारे में कोई तत्काल प्रतिक्रिया नहीं आई।

यह हमला सऊदी अरब और हूथी समूह के बीच बढ़ती मुश्किलों के बीच हुआ है। पिछले कुछ महीनों से हूथियों ने सऊदी शहरों और ऊर्जा प्रणालियों पर अपनी हमलों को तेज कर दिया है, जिससे दोनों पक्षों के बीच तनाव और गहरा गया है।

पिछले हमलों और सुरक्षा की स्थिति

पिछले सप्ताह ही हूथियों ने सऊदी अरामको की यानबू में एक सुविधा पर मिसाइल और ड्रोन के जरिए हमला किया था। उस समय सऊदी अधिकारियों ने सूचना दी थी कि उन्होंने हूथियों द्वारा ताइफ और यानबू के क्षेत्रों की ओर छोड़ी गई छह बैलिस्टिक मिसाइलों को रोक लिया था। हालांकि, उस हमले में अरामको सुविधाओं को कोई नुकसान नहीं पहुंचा था।

सऊदी अरब ने तब कहा था कि सुरक्षा इंतजाम मजबूत हैं और सभी मिसाइलों को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया गया। यह पुराना हमला इस बात का संकेत था कि हूथी समूह अब सऊदी अरब के ऊर्जा संसाधनों को सीधे निशाना बना रहा है।

इन हालिया घटनाओं के बीच, क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति पर गंभीर प्रभाव देखने को मिल सकता है क्योंकि सऊदी अरब ऊर्जा क्षेत्र की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दे रहा है। आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण अरामको जैसी कंपनियों पर हमले निवेशकों और वैश्विक बाजारों के लिए चिंता का कारण बन सकते हैं।

हालांकि, सऊदी सरकार ने अभी तक रियाद में अरामको पर हुए कथित हमले की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है या नुकसान की कोई जानकारी साझा नहीं की है। यह स्थिति अभी भी स्पष्ट नहीं है, और आगामी घंटे तथा दिन इस विवाद में और तथ्य सामने ला सकते हैं।

उल्लेखनीय है कि यमन के गृह युद्ध और सऊदी अरब के साथ संचालित इस संघर्ष में हूथी संगठन की भूमिका लगातार बढ़ती जा रही है, जो सऊदी क्षेत्र में हमले कर अपने राजनीतिक उद्देश्यों को बढ़ावा दे रहा है। इस स्थिति से क्षेत्र में शांति बहाल करने के प्रयासों को भी बड़ी चुनौती मिल रही है।

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