राष्ट्रीय

निर्वाचन आयुक्त ने मोदी और शाह के कहने पर संविधान की किया अपमान, फॉर्म 6 में बदलाव अवैध : कांग्रेस

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बताया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और लोकतंत्र के खिलाफ इस आपराधिक कृत्य में शामिल सभी लोगों को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। इस आरोप के बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसने एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के दौरान इस्तेमाल हो रहे फॉर्म 6 में कोई संशोधन नहीं किया है।

सुप्रीम कोर्ट का फैसला और फॉर्म 6 विवाद

सुप्रीम कोर्ट ने निर्वाचन आयोग और केंद्र सरकार को नोटिस जारी करते हुए कहा कि चुनाव आयोग ने दो चुनाव आयुक्तों की मंजूरी के बिना कई फैसले लिए हैं। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर कोई फैसला कानून के अनुसार नहीं होता है तो उसे रद्द किया जाएगा। हालांकि, कोर्ट ने फिलहाल किसी भी अंतरिम आदेश देने से इनकार कर दिया जिससे CEC कुमार को फैसले लेने से रोका जा सके।

फॉर्म 6 का उपयोग पहली बार मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए किया जाता है। कांग्रेस का आरोप है कि CEC ने इस फॉर्म में अवैध और एकतरफा तौर पर बदलाव किया। राहुल गांधी ने ट्वीट के माध्यम से कहा कि यह साबित हो गया है कि फॉर्म 6 को बिना अनुमति बदला गया है जो लोकतंत्र पर हमला है।

कांग्रेस की प्रतिक्रिया और आरोप

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने CEC पर झूठ बोलने का आरोप लगाया और कहा कि फॉर्म 6 को जानबूझकर इस तरह बदला गया कि जनरेशन Z के मतदाताओं को हटाया जा सके, जिनसे प्रधानमंत्री डरते हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के सामने CEC की निलंबन की मांग वाली याचिका को भी बताया।

जयराम रमेश ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया में कई गड़बड़ियां सामने आई हैं जिसमें कई वोटर हटाये गए जो सही प्रक्रिया के खिलाफ है। सुप्रीम कोर्ट के सामने यह अवसर है कि वे निर्वाचन आयोग का जनता में विश्वास बहाल करें।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि CEC ज्ञानेश कुमार ने अपने पद का दुरुपयोग भाजपा की मदद करने के लिए किया। उन्होंने सभी दोषियों को जवाबदेह ठहराने की बात कही।

कांग्रेस के मीडिया प्रमुख पवन खेड़ा ने भी CEC पर निशाना साधा और कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि वह संशोधित फॉर्म 6 को मंजूरी नहीं देता। अब चुनाव आयोग की प्रमुख दलील खत्म हो गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि जल्द ही ज्ञानेश कुमार को गवाह बनकर जवाब देना होगा।

इस पूरे विवाद ने निर्वाचन आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से तेजी से कार्रवाई की अपील की है ताकि लोकतंत्र की रक्षा हो सके। इस मुद्दे पर आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

Source

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button