कॉर्नेल विश्वविद्यालय यौन उत्पीड़न मामले की जांच फिर से शुरू

2024 में कॉर्नेल विश्वविद्यालय में हुई यौन उत्पीड़न की घटना फिर से सुर्खियों में आई है, जब पीड़िता ने सितंबर 2026 में विश्वविद्यालय, फ्रैटरनिटी और सात आरोपियों के खिलाफ एक सिविल मुकदमा दायर किया। यह मामला विश्वविद्यालय के चाई फाई फ्रैटरनिटी से जुड़ा है।
जांच की पुनः शुरुआत
कॉर्नेल की स्वतंत्र छात्र समाचार पत्रिका, The Cornell Daily Sun, ने 18 सितंबर को इस मामले को सार्वजनिक किया था, जिसमें विश्वविद्यालय के Title IX के तहत चलाए गए अनुषासनिक कार्यवाही और मामले के प्रबंधन पर सवाल उठाए गए। Title IX प्रक्रियाएं वे हैं जो संघीय वित्तपोषित शैक्षिक संस्थान यौन भेदभाव और उत्पीड़न के आरोपों को सुलझाने के लिए चलाते हैं।
सितंबर 2026 में, जिला अधिवक्ता ने इस मामले की जांच पुनः शुरू करने की घोषणा की। न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल ने विशेष अभियोजक के रूप में लेटिशिया जेम्स को नियुक्त किया, जो इस जांच की अगुवाई करेंगी।
मामले का विवरण और विश्वविद्यालय की कार्रवाई
यह घटना 19 अक्टूबर 2024 को चाई फाई फ्रैटरनिटी हाउस, इथाका, न्यूयॉर्क में हुई। पीड़िता, जिसे कानूनी कागज़ात में जेन डो कहा गया है, उस समय 20 साल की कॉर्नेल छात्रा थी। उसने बताया कि वह अत्यधिक नशे में थी और सहमति देने में असमर्थ थी।
नवंबर 2024 में जेन डो ने कॉर्नेल विश्वविद्यालय पुलिस विभाग (CUPD) को मामला रिपोर्ट किया। उसके बाद विश्वविद्यालय ने अपनी Title IX जांच शुरू की और मामले को टॉम्पकिन्स काउंटी जिला अधिवक्ता कार्यालय को सौंपा, जहां प्रारंभिक जांच में कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया।
टॉम्पकिन्स काउंटी के जिला अधिवक्ता मैथ्यू वैन हॉउटन ने कहा कि जेन डो के बयान से कोई अपराध सिद्ध नहीं होता। उन्होंने बताया कि जेन डो ने दवा के सेवन और यौन संबंधों में स्वेच्छा और सहमति जताई। लेकिन जेन डो के वकीलों ने इस दावे का विरोध किया, वे CUPD द्वारा लिए गए साक्षात्कारों का हवाला देते हुए जिसमें जेन डो ने अपनी असमर्थता और बलात्कार का उल्लेख किया।
यह विवाद इस बात को लेकर है कि CUPD ने वास्तव में जिला अधिवक्ता को क्या जानकारी दी। कॉर्नेल ने एक FAQ पेज जारी किया जो टॉम्पकिन्स जिला अधिकारी के दावे से विरोधाभासी था। इस वजह से जांच फिर से शुरू की जा रही है।
कॉर्नेल की Title IX अनुशासनात्मक प्रक्रिया जनवरी 2025 में हुई, जिसमें सात आरोपियों में से दो को विश्वविद्यालय से निष्कासित और दो को कई सेमेस्टर के लिए निलंबित कर दिया गया। एक स्नातक छात्र को तीन वर्षों के लिए कैंपस पर आने से प्रतिबंधित किया गया। अन्य कुछ मामलों में आरोप सिद्ध नहीं हुए, पर प्रशासनिक प्रतिबंध लगाए गए। विश्वविद्यालय ने चाई फाई फ्रैटरनिटी का स्थायी रूप से अनुज्ञान रद्द कर दिया और उसे बंद कर दिया।
अवैध कठोर दंड की अफवाह के बीच, विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया कि लिखित कार्यशैक्षिक प्रतिबंध केवल व्यापक सजा का हिस्सा थे। इस मामले ने छात्रों और पूर्व छात्रों के बीच व्यापक ध्यान और विरोध प्रदर्शनों को जन्म दिया। कॉर्नेल ने कहा कि उनका फोकस केवल विश्वविद्यालय की नीतियों के उल्लंघन को तय करना है, जबकि जिला अधिवक्ता की जिम्मेदारी आपराधिक मामलों पर निर्णय लेना है।
जांच पुनः शुरू होने के साथ, विशेष अभियोजक लेटिशिया जेम्स इस मामले की अगुवाई करेंगी। इसके अलावा, जेन डो का सिविल मुकदमा भी जारी है, जिसमें विश्वविद्यालय, फ्रैटरनिटी और सात आरोपियों को नामजद किया गया है। कॉर्नेल ने जांच में सहयोग का आश्वासन दिया है और मामले के स्वतंत्र पुनरावलोकन का समर्थन कर रहा है। विश्वविद्यालय ने कहा कि वे ऐसे माहौल को बढ़ावा दे रहे हैं जहां यौन उत्पीड़न बर्दाश्त न हो और दोषियों को उचित दंड मिले।




