पालक्कड़ के जलाशयों में 4.63 लाख मछली के बच्चें छोड़े जाएंगे

पालक्कड़ जिले में मछलीपाल विभाग और जिला पंचायत की पहल से 4.63 लाख मछली के बच्चे विभिन्न जलाशयों में छोड़े जाएंगे। यह योजना मुख्य रूप से जलाशयों में मछली की संख्या बढ़ाने और मत्स्य उद्योग से जुड़ी मछुआरों की आय स्थिर करने के लिए शुरू की गई है। कार्यक्रम जिले के छह प्रमुख जलाशयों में लागू होगा।
जलाशय में मछली के बच्चे छोड़ने का कार्यक्रम
कार्यक्रम के तहत वालायर, कंजीरपुघा, मंगलम, पोथुंडी, चुल्लियार और मीनकारा जलाशयों में मछली के बच्चे छोड़े जाएंगे। इससे न सिर्फ मछली भंडार में वृद्धि होगी, बल्कि मछुआरों को निरंतर गुणवत्ता वाली मछली की आपूर्ति सुनिश्चित होगी। यह पहल स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगी।
जलाशयों में मछली पकड़ने वाले अधिकांश मछुआरे अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति मत्स्य सहकारी समितियों से हैं। इस योजना से उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होने का अनुमान है क्योंकि मछली की उपलब्धता बढ़ने से उनकी आमदनी में भी सुधार होगा।
कार्यक्रम का शुभारंभ और जिला पंचायत की भूमिका
इस कार्यक्रम का शुभारंभ सोमवार को जिले की जिला पंचायत अध्यक्ष एस.बी. राजू ने वालायर जलाशय में किया। इस कार्यक्रम के लिए जिला पंचायत ने 20 लाख रुपये का बजट आवंटित किया है। शिलापूर पंचायत अध्यक्ष वी. बिजॉय ने समारोह की अध्यक्षता की।
कार्यक्रम में मछलीपाल विभाग की उपनिदेशक के.टी. अनिता, मालामपुझा ब्लॉक पंचायत विकास स्थायी समिति की अध्यक्ष वी.सी. उदयकुमार, मछलीपाल एक्सटेंशन अधिकारी ए. फैसल और कई मछुआरे मौजूद थे। यह सभी इस पहल की सफलता के लिए प्रतिबद्ध हैं।
मछली के बच्चें छोड़ने से जलाशयों में जैव विविधता बढ़ेगी और क्षेत्रीय मछली उत्पादन में विकास होगा। साथ ही, यह पर्यावरणीय संतुलन को भी बनाए रखने में मदद करेगा। इस से मछली पालन से जुड़े लोगों की जीवनशैली में सुधार देखा जाएगा।
यह परियोजना क्षेत्र के मछली पालन उद्योग में सतत विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। स्थानीय प्रशासन और मछलीपाल विभाग की संयुक्त कोशिशों से इस योजना को सफल बनाने का लक्ष्य रखा गया है। आगामी समय में भी इसी तरह की योजनाएं लॉन्च करने की योजना है।
इस प्रकार की पहल से न केवल मछुआरों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी, बल्कि जिले के जल संसाधनों का संरक्षण भी सुनिश्चित होगा। लोकल स्तर पर मछली पालन को बढ़ावा देना एक स्थायी और लाभकारी गतिविधि साबित होगा जिससे सभी हितधारकों को फायदा होगा।




