राहुल गांधी ने मोदी को बहस के लिए चुनौती दी, अमित शाह ने जवाब दिया

नई दिल्ली: कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक खुले बहस के लिए चुनौती दी। राहुल ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार विदेशी ताकतों की मदद से सत्ता में आई है और वर्तमान में भी उनके सहयोग से बनी हुई है।
राहुल गांधी की पीएम मोदी को चुनौती
राहुल गांधी ने X पर पोस्ट करते हुए कहा कि मोदी प्रधानमंत्री बनने और बने रहने में विदेशी मदद पर निर्भर हैं। उनके अनुसार, भारत की वित्तीय व्यवस्था विदेशी नियंत्रण में है और विदेशी सोशल मीडिया उनका पूरी तरह समर्थन करता है। उन्होंने कहा कि वे किसी भी मंच पर कभी भी बहस के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्हें डर है क्योंकि राहुल के पास उनके बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां हैं।
मोदी पर विदेशी सहायता का आरोप राहुल के बयान का मुख्य केंद्र रहा, जिसमें उन्होंने कहा कि मोदी को सत्ता में बने रहने में लगातार विदेशी शक्तियों का सहयोग मिलता रहा है।
अमित शाह का प्रतिक्रिया और नई बहस
इस पर बीजेपी नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हैदराबाद में पार्टी के “लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ” मार्च को संबोधित करते हुए जवाब दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपनी हालत खराब कर चुकी है और राहुल गांधी प्रतियोगिता में मोदी का मुकाबला भी नहीं कर सकते। शाह ने कहा कि “मेरे तेलंगाना युवा मोर्चा अध्यक्ष भी राहुल को हरा देंगे।”
शाह ने राहुल के वोट बचाओ रैली को भी आलोचना का विषय बनाया और आरोप लगाया कि वह “अवैध घुसपैठियों को बचाने” के लिए था। उन्होंने कहा कि अलग-अलग हिस्सों में बीजेपी के समर्थन में रैलियां निकाली जा रही हैं।
राहुल गांधी के यह बयान प्रधानमंत्री की हालिया टिप्पणी के बाद आए, जिसमें मोदी ने गुजरात के स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह को संबोधित करते हुए कहा था कि कुछ ताकतें देश को बांटने की साजिश कर रही हैं। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया के दुरुपयोग का भी जिक्र किया था।
उन्होंने विरोधी पार्टियों पर विदेशी समर्थन पाने और उनके खिलाफ देशद्रोही भाषा बोलने के आरोप लगाए थे। ये आरोप मोदी–शाह के बीच लगातार चल रही राजनीतिक लड़ाई को और बढ़ा रहे हैं।
राहुल गांधी ने रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की रैली में भी मोदी और अमित शाह पर चेतावनी दी थी। उन्होंने चुनाव आयोग के पूर्व अध्यक्ष ग्यानेश कुमार को मोदी और शाह के सत्ता में आने का जिम्मेदार बताया। राहुल ने साफ किया कि “ग्यानेश कुमार के बाद हम आएंगे और कानूनी कार्रवाई करेंगे। आप कहीं नहीं भाग सकते।”
इसके एक दिन पहले, राहुल ने इंडिया गठबंधन द्वारा आयोजित नकली संसद में भाषण दिया था, जहां चुनाव आयोग के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया गया था। इस सभा की अध्यक्षता पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मेरी कुमार ने की थी, वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने चुनाव आयोग की स्वतंत्रता पर सवाल उठाया था। राहुल ने चुनाव आयोग के कर्मियों को सीधे निशाना बनाया था।




