तारा สुतारिया ने बताया कैसे माता-पिता ने उन्हें और जड़वा बहन को बराबरी से पाला

अभिनेत्री तारा सुतारिया ने हाल ही में अपने बचपन और पारिवारिक माहौल के बारे में खुलासा किया, जिसने उन्हें आत्मविश्वास से भरपूर बनाया। Fashionably Pernia के एक एपिसोड में उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता ने उन्हें और उनकी जुड़वां बहन पिया सुतारिया को समान समझा और उनकी बातों को महत्व दिया। इस तरह का पालन-पोषण उनकी परिपक्वता और खुद की समझ विकसित करने में सहायक रहा।
परिवार में सम्मान और समानता का माहौल
तारा ने बताया कि उनके माता-पिता ने उन्हें और पिया दोनों को एक जैसे माना। वे बचपन से ही अपनी राय रखने के लिए प्रोत्साहित की जाती थीं। “माँ-बाप ने हमें बच्चों की तरह नहीं बल्कि बराबर का दर्जा दिया। हमारी राय हमेशा महत्वपूर्ण थी,” उन्होंने कहा। इसके कारण तारा को स्वाभाविक रूप से अपनी बात कहने का आत्मविश्वास मिला। परिवार में विभिन्न विचारों का सम्मान भी होता था, जिससे तर्क-वितर्क एक सामान्य प्रक्रिया बन गई थी।
तारा ने यह भी कहा कि उनकी फैमिली में स्वस्थ बहस करना सहज था। वे इस बात को महत्वपूर्ण मानती हैं कि बच्चों को केवल उम्र के कारण उनकी बात न टाली जाए। इस खुली बातचीत ने उनके व्यक्तित्व को निखारा और उन्हें व्यक्तिगत रूप से मजबूत बनाया। “हमारा परिवार अलग राय रखने में विश्वास करता है और मैं इसे बहुत पसंद करती हूँ,” उन्होंने साझा किया।
जुड़वा बहन पिया के साथ मजबूत बंधन
तारा ने अपनी जुड़वा बहन पिया के साथ गहरे संबंध के बारे में भी बात की। उन्होंने बताया कि बचपन में दोनों इतनी घुलमिल थीं कि उन्हें अलग करने की बात सुनकर आंखों में आंसू आ जाते थे। “मुझे डर लगता था कि मैं उसके बिना क्या करूँगी,” उन्होंने याद किया। हालांकि, बड़ी होती उम्र के साथ तारा ने अपनी अलग पहचान बनाना शुरू किया और एक्टिंग के क्षेत्र में कदम रखा।
उनका कहना है कि पिया उनके जीवन में पहचान बनाने का एक अहम हिस्सा रहीं। परन्तु समय के साथ तारा ने यह भी जाना कि वे खुद में भी पूरी हैं। यह भावना उन्हें अपने करियर में आत्मनिर्भर बनाने में मददगार साबित हुई।
तारा के अनुभव से यह समझना आसान होता है कि बच्चों को अपनी बात कहने का मौका देना माता-पिता के लिए कितना जरूरी है। इससे न सिर्फ बच्चों के विचारों का सम्मान होता है, बल्कि वे खुद को परिवार का हिस्सा समझते हैं और आत्मविश्वासी बनते हैं। उनकी ये बातें आज के युवा अभिभावकों के लिए भी एक मिसाल हैं।
अभिनेत्री ने यह भी बताया कि उनके माता-पिता ने उन्हें ऐसा परिवार दिया जहाँ वे सुरक्षित महसूस कर सकें, सवाल पूछ सकें और अपने विचार रख सकें। यह माहौल उनके आत्मविश्वास और परिपक्वता का आधार बना।
हाल ही में तारा सुतारिया को फिल्म Toxic: A Fairy Tale for Grown-Ups में देखा गया है, जो गीता मोहनदास निर्देशित है और यश मुख्य भूमिका में हैं।




