यूनीसेफ की धुवरखा श्रीराम से युवाओं के लिए अभियान पर बातचीत

यूनीसेफ ने 2019 में युवाओं को शिक्षा से कार्य और नागरिकता की ओर संक्रमण में मदद करने के लिए YuWaah नामक मंच की स्थापना की। यह पहल जनरेशन अनलिमिटेड के अंतर्गत है और सरकारी, निजी, संयुक्त राष्ट्र और नागरिक समाज संगठनों के सहयोग से संचालित है।
YuWaah के प्रमुख कार्यक्रम और पहल
धुवरखा श्रीराम, जो यूनिसेफ इंडिया में जनरेशन अनलिमिटेड (YuWaah) की प्रमुख हैं, बताती हैं कि पिछले तीन वर्षों में YuWaah ने युवाओं को समस्या सुलझाने के कौशल प्रदान करने पर काम किया है। हाल ही में जारी कुछ पहल जैसे Young People’s Action Team (YPAT) युवाओं को गवर्नेंस के विभिन्न स्तरों में भागीदारी देती है। Passport2Earning योजना के अंतर्गत ऑनलाइन और ऑफलाइन प्रशिक्षण के माध्यम से 20 मिलियन से अधिक युवाओं को करियर मार्गदर्शन मिलता है।
संगठन राष्ट्रीय युवा नीति, अप्रेंटिसशिप नीति और 21वीं सदी के कौशल ढांचे पर कार्य कर रहा है। साथ ही, वे विश्व आर्थिक मंच के साथ मिलकर भारत में डिजिटल शिक्षा अवसंरचना पर 60 साझेदारों के साथ काम कर रहे हैं।
युवा रोजगार और जीवन कौशल का महत्व
धुवरखा के अनुसार, युवाओं का रोजगार किसी भी देश की सामाजिक-आर्थिक स्थिरता के लिए आवश्यक है। वर्तमान में युवा बाजार के उतार-चढ़ाव और कोविड-19 के प्रभावों को झेल रहे हैं, जिससे डिजिटल विभाजन, लिंग और शहरी-ग्रामीण असमानताएँ और बढ़ीं हैं। इसलिए, शिक्षा प्रणाली में जीवन और रोजगार कौशलों को शामिल करना बेहद जरूरी है।
शिक्षा से कार्य में संक्रमण एक प्रक्रिया है जो युवाओं को उत्पादक और उचित रोजगार की ओर ले जाती है। तकनीक का उपयोग इस क्षेत्र में असमानता को कम कर सकता है, जिससे सभी युवाओं को शिक्षा और कौशल तक समान पहुंच मिले।
समाज को ऐसे मंच बनाने चाहिए जहाँ युवा बाहरी विशेषज्ञों से जुड़ सकें, संसाधन और मेंटरशिप प्राप्त कर नेतृत्व क्षमताएँ विकसित कर सकें। कार्य-एकीकृत अधिगम युवाओं को नए अनुभव प्राप्त करने और औपचारिक एवं अनौपचारिक शिक्षा के ज्ञान को व्यावहारिक तौर पर लागू करने में मदद करता है।
लेकिन शिक्षा केवल रोजगार की तैयारी तक सीमित नहीं होनी चाहिए। इसे युवाओं को एक व्यक्ति और समुदाय के सदस्य के रूप में संवारने के लिए भी होना चाहिए। जीवन कौशलों से युवाओं को न केवल कार्यस्थल पर बल्कि जीवन की अनिश्चितताओं और अवसरों को संभालने में मदद मिलती है।
धुवरखा कहती हैं कि युवाओं को मौलिक, स्थानांतरणीय और तकनीकी कौशलों का मिश्रण विकसित करना चाहिए। इसमें डिजिटल कौशलों के साथ नौकरी खोजने, करियर सलाह और प्लेसमेंट में सहायता जैसे तत्व शामिल हैं। UNICEF का वैश्विक फ्रेमवर्क इन कौशलों को संज्ञानात्मक, सामाजिक, भावनात्मक, डिजिटल और तकनीकी श्रेणियों में बाँटता है। ये कौशल युवा को बदलती नौकरी बाजार में अधिक लचीला बनाते हैं।
YuWaah का उद्देश्य है कि युवाओं को सशक्त बनाया जाए ताकि वे शिक्षा से कार्य और सक्रिय नागरिकता की ओर सफलतापूर्वक संक्रमण कर सकें। यह पहल उनके भविष्य के लिए मजबूत आधार तैयार करने में मदद करती है।




