अंतरराष्ट्रीय

मिडिल ईस्ट में जंग के बीच ट्रंप का बड़ा एलान, भंडार से 172 मिलियन बैरल तेल निकालेगा अमेरिका

अमेरिका ने ईरान युद्ध के बीच तेल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व से 172 मिलियन बैरल तेल निकालने की घोषणा की है।

HighLights

  1. अमेरिका रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व से 172 मिलियन बैरल तेल निकालेगा।
  2. ईरान संघर्ष के कारण बढ़ती तेल कीमतों को नियंत्रित करने का प्रयास।
  3. IEA ने भी 400 मिलियन बैरल तेल बाजार में उतारने का ऐलान किया।

अमेरिका ने ईरान युद्ध के बीच तेल की कीमतों को काबू में करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। ऊर्जा विभाग ने गुरुवार को घोषणा की कि अमेरिका अपने स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व से 172 मिलियन बैरल तेल निकालेगा।

यह फैसला राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि तेल की कीमतें कम करने के लिए रिजर्व से तेल निकाला जाएगा। ईरान के साथ चल रहे संघर्ष ने वैश्विक तेल आपूर्ति को बुरी तरह प्रभावित किया है। इससे कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं और पेट्रोल-डीजल महंगा हो गया है।

ट्रंप ने ओहियो में एक लोकल टीवी चैनल ‘लोकल 12’ को दिए इंटरव्यू में कहा, “अभी हम इसे थोड़ा कम करेंगे और इससे कीमतें नीचे आएंगी।”

उन्होंने साफ संकेत दिया कि अमेरिका स्ट्रैटेजिक रिजर्व का इस्तेमाल कर पंप पर पेट्रोल की कीमतों को राहत देगा। अमेरिका-इजरायल की ओर से 28 फरवरी को शुरू हुए हमलों के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई में खाड़ी इलाके में तेल से जुड़ी जगहों पर हमले किए और अमेरिका व उसके सहयोगियों के जहाजों को निशाना बनाया।

वैश्विक स्तर पर रिकॉर्ड रिलीज का ऐलान

इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) ने भी बड़ा फैसला लिया है। इसकी 32 सदस्य देशों ने मिलकर रिकॉर्ड 400 मिलियन बैरल तेल अपने इमरजेंसी रिजर्व से बाजार में उतारने का ऐलान किया। यह अब तक का सबसे बड़ा समन्वित रिलीज है। अमेरिका इसमें सबसे बड़ा हिस्सा 172 मिलियन बैरल निकालेंगे। बाकी देश जैसे जापान, यूरोपीय राष्ट्र भी अपने रिजर्व से तेल निकालेंगे।

इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी फैसले का पड़ा उल्टा असर?

IEA के इस बड़े ऐलान के बावजूद बाजार शांत नहीं हुआ। कच्चे तेल की कीमतें चार प्रतिशत से ज्यादा बढ़ गईं। व्यापारी और निवेशक अभी भी डरे हुए हैं कि संघर्ष लंबा खिंचेगा और होर्मुज स्ट्रेट बंद रहेगा। अमेरिका में पेट्रोल की औसत कीमत पहले से ही बढ़कर 3.58 डॉलर प्रति गैलन पहुंच चुकी है और लगातार 11वें दिन बढ़ रही है।

ऊर्जा विभाग के अनुसार, अमेरिका से यह 172 मिलियन बैरल तेल निकालना अगले हफ्ते से शुरू होगा और इसे करीब 120 दिनों (चार महीने) में बाजार में उतारा जाएगा। अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने कहा कि यह कदम दुनिया को तब तक राहत देगा जब तक होर्मुज स्ट्रेट सुरक्षित नहीं हो जाता। उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका इन रिजर्व को बाद में फिर भर देगा, करीब 200 मिलियन बैरल नए तेल से, वो भी बिना टैक्सपेयर के पैसे खर्च किए।

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