क्राइम

काला जादू, बिजनेस में नुकसान… बेंगलुरु में कारोबारी हत्याकांड में खुलासा; 8 आरोपी गिरफ्तार

बेंगलुरु के अनेकल में रियल एस्टेट कारोबारी गोपाल का अपहरण कर हत्या कर दी गई। इस मामले में पुलिस ने गोपाल के एक्स बिजनेस पार्टनर मोहन बाबू सहित आठ लोगों को तमिलनाडु के कृष्णागिरी से गिरफ्तार किया है।

HighLights

  1. रियल एस्टेट कारोबारी गोपाल का अपहरण कर हत्या।
  2. पुलिस ने आठ आरोपियों को कृष्णागिरी से पकड़ा।

 बेंगलुरु के अनेकल में रियल एस्टेट कारोबारी गोपाल के अपहरण और हत्या का मामला सामने आया है। इस हत्या की साजिश में गोपाल के एक्स बिजनेस पार्टनर मोहन बाबू का नाम सामने आया है।

पुलिस जांच के दौरान सामने आया है कि मोहन को गोपाल पर शक था कि वो उसके खिलाफ काला जादू कर रहा है, जिससे मोहन को बिजनेस में नुकसान उठाना पड़ रहा है।

पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए मंगलवार देर रात तमिलनाडु के कृष्णागिरी में एक ठिकाने से अपहरण और हत्या के आरोप में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें दो नाबालिग भी शामिल हैं।

बीच रास्ते हुई किडनैपिंग

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, यह घटना रविवार शाम करीब 7 बजे हुई, जब गोपाल अपनी एसयूवी में बैठक अपने दोस्त सतीश के साथ जा रहा था।

अनेकल के पास, एक मिनी-गुड्स गाड़ी ने उनकी कार को टक्कर मार दी, जिससे उन्हें बीच रास्ते में कार रोकनी पड़ी। जैसे ही गोपाल और सतीश बाहर निकले, हमलावरों ने सतीश के चेहरे पर एक केमिकल छिड़क दिया और गोपाल को दूसरी गाड़ी में डालकर अगवा कर लिया।

अगली सुबह कृष्णागिरी पुलिस को डेनकानिकोटे के पास सड़क किनारे एक शव मिला और उन्होंने अनेकल पुलिस को अलर्ट किया। मामले में छानबीन के बाद पता चला कि वो शव गोपाल का ही था।

काला जादू के शक में दोस्त की कर दी हत्या

गोपाल की पत्नी स्वाति ने पुलिस को बताया कि उसका एक्स बिजनेस पार्टनर मोहन बाबू इस हत्या के लिए जिम्मेदार है। गोपाल की पत्नी ने दावा किया कि पिछले साल भी मोहन और उसके साथियों ने उसके पति पर हमला किया था, लेकिन मोहन के दबाव में आकर उन्होंने पुलिस में शिकायत नहीं की।

स्वाति के बयान के बाद, पुलिस ने मोहन को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान, पुलिस को पता चला कि मोहन को इस बात का गहरा शक हो गया था कि गोपाल उसके खिलाफ काला जादू कर रहा है और उसे लगता था कि इसी वजह से उसके रियल एस्टेट बिजनेस में नुकसान हो रहा है।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, पिछले पांच सालों से, गोपाल ने अपने खुद के सौदों पर ध्यान देना शुरू कर दिया था। पहले के कुछ संयुक्त सौदों को आखिरकार उसने अकेले ही संभाला, जिससे उसे काफी मुनाफा हुआ।’

पुलिस ने आगे बताया, ‘गोपाल की बढ़ती साख की वजह से मोहन को असुरक्षित महसूस होने लगा और उसके मन में नाराजगी पैदा हो गई।

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