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फरवरी 2026 में शुद्ध प्रत्यक्ष विदेशी निवेश 45 महीने के उच्च स्तर पर पहुंचा, छह महीने की नकारात्मक प्रवृत्ति टूटी

नई दिल्ली, भारत – फरवरी 2026 में भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) में एक उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है। इस महीने में निवल FDI 45 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है, जो पिछले छह महीनों के नकारात्मक दौर को तोड़ने का संकेत है।

मौजूदा आंकड़ों के अनुसार, फरवरी 2026 में कुल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश लगभग 9 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 61.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। यह वृद्धि संकेत देती है कि विदेशी निवेशकों का भारत में विश्वास बढ़ रहा है और वे देश के दीर्घकालिक विकास की संभावनाओं को गंभीरता से ले रहे हैं।

प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में इस तेजी का मुख्य रूप से कई बड़े उद्योग क्षेत्रों से समर्थन मिला है, जिसमें प्रौद्योगिकी, विनिर्माण, और बुनियादी ढांचा शामिल हैं। सरकार की उदार नीतियां और विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए की गई प्रक्रिया में सुधार इस वृद्धि के पीछे मुख्य वजह मानी जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस वृद्धि से भारत की आर्थिक वृद्धि दर पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और यह रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न करेगा। साथ ही, विदेशी निवेश में इस उछाल से मुद्रा बाजार में स्थिरता और निर्यात में सुधार की उम्मीद भी जताई जा रही है।

सरकारी अधिकारियों ने भी इस आंकड़े का स्वागत करते हुए कहा है कि यह भारत की निवेश के प्रति सकारात्मक छवि को दर्शाता है और देश के नीतिगत सुधारों की सफलता को प्रमाणित करता है। आने वाले महीनों में भी ऐसे निवेश प्रवाह को बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा ताकि देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले और सतत विकास संभव हो सके।

इस तरह फरवरी 2026 में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में लगभग 9 अरब डॉलर की वृद्धि न केवल एक आर्थिक आंकड़ा है बल्कि यह भविष्य की आर्थिक संभावनाओं का संकेत भी देता है, जो भारत को वैश्विक निवेशकों के लिए एक पसंदीदा गंतव्य बना रहा है।

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