खागा में गरमाई सियासत, पीड़िता से मिलने जा रहे भाजपा प्रतिनिधिमंडल को प्रशासन ने रोका
डाक बंगले में रोके गए भाजपा नेता, प्रशासन ने कानून-व्यवस्था का हवाला दिया

संवाददाता: बृजेन्द्र मौर्य
फतेहपुर। खागा थाना क्षेत्र में दुष्कर्म की घटना को लेकर जिले की राजनीति गरमा गई है। बुधवार को पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे भारतीय जनता पार्टी के प्रतिनिधिमंडल को प्रशासन ने खागा में ही रोक दिया। इस दौरान भाजपा नेताओं और प्रशासन के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।
जिलाध्यक्ष अन्नू श्रीवास्तव के नेतृत्व में भाजपा प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलने गांव जा रहा था, लेकिन प्रशासन ने उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी। मौके पर एसडीएम और अपर पुलिस अधीक्षक समेत भारी पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासन ने भाजपा नेताओं को खागा स्थित डाक बंगले (निरीक्षण भवन) में रोक दिया, जिसे नेताओं ने नजरबंदी करार दिया।
प्रशासन का कहना है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है। अपर पुलिस अधीक्षक ने भाजपा प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि सरकार इस प्रकरण में सख्त कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि खागा क्षेत्र के एक गांव में मंगेतर के साथ बैठी युवती के साथ दुष्कर्म की घटना के बाद जिले में आक्रोश फैल गया था। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि मुख्य आरोपी बबलू ठाकुर अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने सात टीमें गठित की हैं।
मामले में लापरवाही के आरोप में थानाध्यक्ष रमेश पटेल और चौकी प्रभारी को निलंबित किया गया है। इससे पुलिस विभाग में भी हलचल तेज हो गई है।
इससे पहले समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के प्रतिनिधि पीड़ित परिवार से मुलाकात कर चुके हैं। अब भाजपा प्रतिनिधिमंडल को रोके जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है।
फिलहाल मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने को लेकर प्रशासन और पुलिस पर दबाव लगातार बढ़ रहा है।



