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केरल के फिल्म निर्माता जॉन अब्राहम की क्लासिक फिल्म ‘अम्मा अरियान’ का पुनर्स्थापित संस्करण कान्स में प्रीमियर करेगा

कोच्चि, केरल – भारतीय सिनेमा के इतिहास में अपनी एक अलग पहचान बनाए रखने वाली फिल्म ‘अम्मा अरियान’ का पुनर्स्थापित संस्करण इस साल कान्स फिल्म फेस्टिवल में विश्व प्रीमियर के लिए चुनी गई है। यह फिल्म, जिसे केरल के मशहूर फिल्म निर्माता जॉन अब्राहम ने निर्देशित किया था, काफी वर्षों से दर्शकों के बीच एक संकलित क cultl्ट फ़िल्म के रूप में जानी जाती है।

इस प्रतिष्ठित फिल्म को फिल्म हेरिटेज फाउंडेशन की गैर-लाभकारी संस्था द्वारा पुनर्स्थापित किया गया है, जिसका उद्देश्य भारतीय सिनेमा की विरासत को संरक्षित करना और नई पीढ़ी के लिए उपलब्ध कराना है। यह फाउंडेशन भारतीय सिनेमाई इतिहास के दुर्लभ और महत्वपूर्ण चित्रों को पुनः जीवित करने में अग्रणी भूमिका निभाती आई है।

फेस्टिवल के आयोजकों ने घोषणा की है कि इस पुनर्स्थापित ‘अम्मा अरियान’ को इस वर्ष के कान्स फिल्म फेस्टिवल में 16 मई को विश्व प्रीमियर के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। खास बात यह है कि यह एकमात्र भारतीय फीचर फिल्म है जिसे इस साल की फेस्टिवल की मुख्य सूची में स्थान मिला है।

अम्मा अरियान, जो 1986 में पहली बार रिलीज हुई थी, सामाजिक यथार्थ और राजनीतिक प्रतिबद्धता के लिए जानी जाती है। इसकी कहानी एक समाचार पत्रिक के माध्यम से समाज के दबे-कुचले वर्गों की आवाज उठाती है। फिल्म की संवेदनशीलता, दृश्यों की शिल्पकला और गहरी पटकथा ने इसे वैश्विक स्तर पर भी सराहना दिलाई है।

फिल्म हेरिटेज फाउंडेशन के प्रतिनिधि ने बताया कि उन्होंने इस फिल्म के डिजिटल रिस्टोरेशन पर कई महीनों तक काम किया है ताकि इसका मूल सौंदर्य और अखंडता बनी रहे। उन्होंने कहा, “यह हमारे लिए गर्व की बात है कि हम इस बहुमूल्य सिनेमा को न केवल संरक्षित कर पाए हैं, बल्कि कान्स जैसे प्रतिष्ठित मंच पर भी प्रस्तुत कर सकेंगे।”

कान्स फिल्म फेस्टिवल में इस फिल्म के प्रदर्शन से हिंदी भाषी दर्शकों और भारतीय सिनेमा प्रेमियों में उत्साह व्याप्त है। सिनेमाघरों और विश्वभर के फिल्म उत्सवों में इस फिल्म का पुन: उत्सर्जन भारतीय सिनेमा की इतिहास की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

इस कदम से भारतीय फिल्म उद्योग को विश्वव्यापी मंच पर एक नई पहचान मिलेगी और युवा पीढ़ी को देश के सामाजिक इतिहास और उसमें कला की भूमिका का बेहतर समझ भी विकसित होगी।

इस प्रकार, ‘अम्मा अरियान’ का यह पुनर्स्थापित संस्करण केवल एक फिल्म का प्रीमियर नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा की विरासत को पुनर्जीवित करने का एक महत्वपूर्ण उत्सव भी है।

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