इран ने अमेरिका पर ‘लापरवाह सैन्य अभियान’ का आरोप लगाया

तेहरान, ईरान – इरानी सरकारी वरिष्ठ अधिकारी अब्बास अरकची ने अमेरिका पर बार-बार राजनयिक समाधान की संभावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए सैन्य आक्रमण करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि हर बार जब भी बातचीत के जरिए समस्याओं का समाधान संभव लगता है, अमेरिका ‘लापरवाह सैन्य साहसिक कार्य’ करता है, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता को गंभीर खतरा पैदा होता है।
अरकची ने यह बयान उस समय दिया जब अमेरिका और इरान के बीच बढ़ती तनाव की खबरें मीडिया में आ रही थीं। उनके अनुसार, अमेरिका की यह नीति न केवल दोतरफा संबंधों को प्रभावित करती है बल्कि पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र में भी अस्थिरता बढ़ाने का काम करती है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि उनका देश शांति और बातचीत के रास्ते का समर्थन करता है और सैन्य कार्रवाई किसी भी समस्या का समाधान नहीं है।
इरान और अमेरिका के बीच दशकों से जारी तनाव का इतिहास काफी जटिल रहा है, जिसमें परमाणु समझौते, आर्थिक प्रतिबंध और सैन्य टकराव शामिल हैं। अरकची ने कूटनीतिक प्रयासों को प्राथमिकता देते हुए कहा कि सभी पक्षों को संवाद की मेज पर आकर समाधान निकालने का प्रयास करना चाहिए ताकि वैश्विक शांति बनी रहे।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका का सैन्य हस्तक्षेप इरान के साथ तनाव को और बढ़ावा देता है और इससे दोनों देशों के बीच भरोसे की दीवार और कमजोर होती है। वहीं, तेहरान ने हमेशा कहा है कि उसकी परमाणु गतिविधियाँ पूरी तरह से शांतिपूर्ण हैं और वह किसी भी सैन्य युद्ध की शुरुआत नहीं करेगा।
संसद के सदस्य और सुरक्षा सलाहकारों के साथ संवाद में अरकची ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वे संयम बरतें और इस क्षेत्र में तनाव को कम करने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि सैन्य हस्तक्षेपों के बजाय राजनयिक चर्चाएं ही स्थायी समाधान की कुंजी हैं।
इस बयान ने फिर से दोनों देशों के बीच संभावित संघर्ष की आशंका जताई है, जबकि विश्व समुदाय शांति के लिए प्रयासरत है। आने वाले दिन यह निर्धारित करेंगे कि क्या दोनों देश पुराने मतभेदों को भुलाकर एक साथ बातचीत कर सकेंगे या फिर विवाद नए संघर्ष की ओर बढ़ेगा।



