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क्या ऑप एपिक फ्यूरी फिर से शुरू होगा? चीन यात्रा के बाद ट्रंप ने ईरान पर नए हमलों पर किया विचार: रिपोर्ट

वॉशिंगटन, अमेरिका। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चीन यात्रा के बाद ईरान को लेकर तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक, ट्रंप के प्रमुख सलाहकार ईरान के खिलाफ कड़ी सैन्य कार्रवाई के विकल्प तैयार कर रहे हैं। अगर कूटनीतिक प्रयास विफल रहते हैं, तो उनमें बमबारी बढ़ाने और संभावित विशेष अभियानों के लिए सेनानी तैनात करने की योजना शामिल है।

ट्रम्प प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि ईरान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने की तैयारी के पीछे देश की रणनीतिक स्थिति और खाड़ी में तनाव बढ़ने का कारण है। खासकर हॉर्मुज जलसंधि, जो दुनिया भर के तेल परिवहन के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, वहां की सुरक्षा को लेकर वैश्विक तेल बाजार पर चिंता बनी हुई है।

ईरानी अधिकारियों ने भी युद्ध के लिए अपनी तत्परता का संकेत दिया है, जिससे माहौल और भी अनिश्चित हो गया है। पिछले कुछ महीनों से अमेरिका-ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। अमेरिकी सरकार ईरान के परमाणु कार्यक्रम और मध्य पूर्व में उसकी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखे हुए है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कूटनीति सफल नहीं होती है, तो अमेरिका बड़ी सैन्य कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा। ट्रंप प्रशासन के रणनीतिक सलाहकार इस समय कई संभावित सैन्य विकल्पों पर विचार कर रहे हैं, जिनमें हवाई हमले और स्पेशल ऑपरेशन शामिल हो सकते हैं।

हालांकि, ऐसे कदमों से क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ने का खतरा भी है। ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर वैश्विक बाजार बेहद संवेदनशील है। हॉर्मुज की खाड़ी में किसी भी तरह का सैन्य संघर्ष तेल की कीमतों में अचानक वृद्धि का कारण बन सकता है।

ट्रम्प के चीन यात्रा से लौटने के बाद स्थिति ने नई दिशा ली है, जिससे दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण संबंध और अधिक नाटकीय हो सकते हैं। अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीति की राह आसान नहीं दिख रही, और अगर राजनीतिक वार्ता ठप हुई तो सैन्य विकल्प लागू किए जा सकते हैं।

विश्लेषकों के अनुसार, भारत समेत कई अन्य देश इस क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता के लिए चिंतित हैं, क्योंकि खाड़ी क्षेत्र की दुर्घटना की वजह से वैश्विक व्यापार प्रभावित हो सकता है। आने वाले दिनों में ट्रंप प्रशासन की रणनीतियों और कूटनीतिक प्रयासों पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी रहेंगी।

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