शिक्षा

सीबीएसई पोर्टल की तकनीकी खामियों से कक्षा 12 के छात्र पुनर्मूल्यांकन के लिए परेशान

नई दिल्ली, भारत | 27 अप्रैल 2024

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने हाल ही में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से तकनीकी समस्याओं के कारण उत्पन्न हुए मुद्दों को लेकर विस्तृत रिपोर्ट मांगकर स्थिति की गंभीरता को स्वीकार किया है। कई कक्षा 12 के छात्र अपनी पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया में आ रही बाधाओं के कारण परेशान हैं, जिसका कारण सीबीएसई पोर्टल पर लगातार आ रही गड़बड़ियां बताई जा रही हैं।

सीबीएसई के तकनीकी विक्षिप्तता के चलते छात्रों को अपना पुनर्मूल्यांकन आवेदन ऑनलाइन जमा करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इससे उनके परिणामों को लेकर अनिश्चितता और तनाव बढ़ गया है। कई छात्रों और अभिभावकों ने सोशल मीडिया पर शिकायतें दर्ज कराते हुए बोर्ड से जल्द कार्रवाई की मांग की है।

इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने तुरंत कदम उठाते हुए IIT मद्रास और IIT कानपुर की तकनीकी टीमों को बोर्ड के साथ मिलकर काम करने के निर्देश दिए हैं। दोनों संस्थानों की विशेषज्ञ टीमें बोर्ड की वेबसाइट और तकनीकी ढांचे की समीक्षा कर रही हैं ताकि समस्याओं की जड़ तक पहुंचा जा सके और वे स्थायी समाधान प्रदान कर सकें।

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, “हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि परीक्षा से जुड़े सभी तकनीकी मसले छात्रों को प्रभावित न करें और वे अपनी परीक्षाओं और पुनर्मूल्यांकन के अधिकारों का लाभ बिना किसी अड़चन के ले सकें।”

वहीं, CBSE के एक प्रवक्ता ने बताया कि वे छात्रों की सुविधा को प्राथमिकता देते हैं और जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान निकालने के लिए IIT की तकनीकी टीम के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने छात्रों से भी धैर्य रखने की अपील की है।

इस पूरे मामले ने शिक्षा प्रणाली में तकनीकी सुधार की आवश्यकता को एक बार फिर से उजागर कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए बोर्ड को अपनी वेबसाइट और सर्वर सिस्टम के नियमित परीक्षण और उन्नयन पर विशेष ध्यान देना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी समस्याएं दोबारा न आएं।

छात्रों के पुनर्मूल्यांकन से जुड़ी परेशानियों के समाधान में देरी न हो, इसके लिए केंद्रीय और राज्य स्तर पर सभी संबंधित अधिकारी सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में तकनीकी खामियां दूर हो जाएंगी और सभी छात्र बिना किसी तनाव के अपना पुनर्मूल्यांकन करा सकेंगे।

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