55% शिक्षक महिलाएं हैं, छात्राओं का नामांकन बढ़ा: सरकार

नई दिल्ली, भारत | 27 अप्रैल 2024
हालिया UDISE रिपोर्ट में शिक्षा क्षेत्र में कई सकारात्मक बदलाव का खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, ड्रॉपआउट दरों में गिरावट आई है और छात्रों के स्कूल में बने रहने की संख्या में वृद्धि हुई है। इसके साथ ही, स्कूलों को कंप्यूटर और इंटरनेट तक बेहतर पहुंच मिल रही है, जिससे शिक्षण प्रक्रिया और अधिक सशक्त हो रही है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि 2022-23 की तुलना में शिक्षकों की संख्या में 8.3 फीसदी की वृद्धि हुई है। यह बढ़ोत्तरी न केवल शिक्षक-छात्र अनुपात में सुधार लाने में मदद कर रही है, बल्कि शिक्षण गुणवत्ता को भी मजबूत कर रही है। शिक्षार्थियों की विभिन्न कक्षाओं में प्रगति भी बेहतर हुई है, जो वर्तमान शैक्षिक मॉडल की सफलता का संकेत है।
सरकार ने बताया कि अधिक से अधिक स्कूलों को अब डिजिटल संसाधनों से जोड़ा जा रहा है, जिससे छात्रों को उच्च तकनीकी शिक्षा ग्रहण करने में सहायता मिल रही है। इससे न केवल पढ़ाई में रुचि बढ़ी है, बल्कि विद्यार्थी कौशल विकास के नए अवसरों का भी लाभ उठा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ड्रॉपआउट दरों में कमी का अहम कारण शिक्षा के साथ-साथ आर्थिक सहायता और जागरूकता अभियानों का होना है। इसके चलते अधिक बच्चे खासकर सीमांत व कमजोर वर्गों के छात्र बच्चों ने शिक्षा जारी रखने का निर्णय लिया है।
शिक्षा विभाग ने आगे यह भी कहा कि विभिन्न सामाजिक और आर्थिक बन्धनों को दूर करने के लिए सरकारी योजनाओं का विस्तार किया जाएगा ताकि सभी वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
इस रिपोर्ट के मिलने वाले आंकड़े शिक्षा नीति निर्माण में मार्गदर्शक साबित होंगे और भविष्य में शिक्षा क्षेत्र को और बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास किये जाएंगे।



