स्वास्थ्य

असंसर्गीय रोगों ने 2022-2024 में कुल मृत्यु का 60% हिस्सा हासिल किया | तथ्य

नई दिल्ली, भारत – असंसर्गीय रोग (Non-communicable Diseases – NCDs) अब महिलाओं और ग्रामीण इलाकों में भी प्रमुख मृत्यु कारक बनते जा रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय और विभिन्न अनुसंधान संस्थानों द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों से पता चलता है कि 2022 से 2024 के बीच असंसर्गीय रोगों ने कुल मौतों में 60% की हिस्सेदारी दर्ज की है।

असंसर्गीय रोगों में हृदय रोग, मधुमेह, कैंसर, क्रॉनिक श्वसन रोग और अन्य दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्याएं शामिल हैं। ये रोग truyềnरोगों से अलग होते हैं क्योंकि ये व्यक्ति से व्यक्ति में नहीं फैलते, बल्कि जीवनशैली, पर्यावरण, और आनुवंशिकी से प्रभावित होते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, महिला स्वास्थ्य पर असंसर्गीय रोगों का प्रभाव पहले से अधिक गहरा होता जा रहा है। ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण ये रोग समय पर ठीक नहीं हो पाते, जिससे मृत्यु दर बढ़ जाती है। असंतुलित आहार, शारीरिक गतिविधि में कमी, तंबाकू और शराब का सेवन, और मानसिक तनाव जैसे कारण असंसर्गीय रोगों के बढ़ते प्रकोप के पीछे हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता अभियानों की कमी और दवाइयों की अकुशल उपलब्धता से इन रोगों का नियंत्रण कठिन होता जा रहा है। खासकर महिलाओं के लिए स्थिति चिंताजनक है क्योंकि वे अक्सर पारिवारिक दायित्वों के कारण स्वास्थ्य सेवाएं लेने में असमर्थ रहती हैं।

डॉक्टरों का मानना है कि समय रहते बचाव करना, स्वस्थ जीवनशैली अपनाना, नियमित जांच करवाना और पर्याप्त पोषण सुनिश्चित करना असंसर्गीय रोगों से लड़ने के सबसे प्रभावी उपाय हैं। सरकार और गैर-सरकारी संगठन मिलकर स्वास्थ्य शिक्षा बढ़ाने, टेलीमेडिसिन सेवाएं प्रदान करने, तथा ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों को सशक्त बनाने पर काम कर रहे हैं।

इस चुनौती से निपटने के लिए व्यापक नीतिगत सुधार, वित्तीय सहायता, और समुदाय आधारित प्रयास जरूरी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो असंसर्गीय रोगों से होने वाली मौतों की संख्या और बढ़ेगी, जो देश की स्वास्थ्य प्रगति के लिए गंभीर खतरा है।

अतः यह आवश्यक है कि सही जानकारी के माध्यम से जागरूकता बढ़ाई जाए और सरकार, समाज तथा व्यक्तिगत स्तर पर समन्वित प्रयास किए जाएं ताकि असंसर्गीय रोगों की रोकथाम और नियंत्रण हो सके।

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