ईरानी अदालत ने गायिका और आठ सदस्यों को 74 कोड़े मारने की सज़ा सुनाई

तेहरान, ईरान – ईरान की एक अदालत ने प्रसिद्ध गायिका परस्तू अहमदी और ‘कारवांसराय कॉन्सर्ट’ के आठ अन्य सदस्यों को 74 कोड़े मारने की सज़ा सुनाई है। इस घटना ने देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक ध्यान आकर्षित किया है।
परस्तू अहमदी पर आरोप है कि उन्होंने राजनीतिक और धार्मिक नियमों का उल्लंघन किया है। अदालत के अनुसार, उनकी गतिविधियाँ ईरानी कानूनों के खिलाफ हैं, जिन्हें कड़ा दंड दिया गया है। परस्तू अपने संगीत और सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए जानी जाती हैं, लेकिन स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि उनकी कुछ प्रस्तुतियाँ सरकार की मंजूरी के बिना आयोजित की गई थीं।
कारवांसराय कॉन्सर्ट, जिसमें आठ अन्य सदस्य शामिल हैं, को भी इसी उल्लंघन में दोषी पाया गया। इनके खिलाफ आरोप है कि उन्होंने बिना अनुमति के सार्वजनिक संगीत कार्यक्रम आयोजित किए, जो देश के धार्मिक और सांस्कृतिक नियमों के खिलाफ थे।
इस सज़ा के बाद, महिला अधिकार संगठनों और संगीत समुदायों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। कई कलाकारों और नागरिक समाज के सदस्यों ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया है। वहीं, सरकार ने इसे कानून का उल्लंघन करने वालों के लिए उचित कार्यवाही बताया है।
इरानी कानूनी प्रणाली और सांस्कृतिक प्रतिबंधों के संदर्भ में यह मामला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार की सज़ाएँ देश में कलाकारों के लिए चुनौतीपूर्ण माहौल पैदा करती हैं। हालांकि, सरकार का ध्यान इस बात पर है कि किसी भी गैरकानूनी क्रिया को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
परस्तू अहमदी और अन्य सदस्यों की सज़ा को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भी प्रतिक्रिया सामने आई है, जिसमें कई मानवाधिकार संगठन न्याय व्यवस्था की समीक्षा की मांग कर रहे हैं। ईरान में कला और संस्कृति पर विभिन्न नियमों और प्रतिबंधों के बीच यह मामला एक नई बहस को जन्म देने वाला है।
भविष्य में इस मामले पर और भी कानूनी प्रक्रियाओं की उम्मीद की जा रही है, जिससे कलाकारों और संगीतकारों की स्थिति स्पष्ट हो सके। इसके साथ ही, यह घटना देश में संयम और कानून के अनुपालन के महत्व को भी दर्शाती है।



