
नई दिल्ली, दिल्ली
बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के बेटे और अवामी लीग के वरिष्ठ नेता साजीब वाजेद जॉय ने देश की मौजूदा स्थिति को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने दावा किया कि यदि अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया, तो बांग्लादेश एक ऐसा देश बन सकता है जो क्षेत्रीय आतंकवाद का केंद्र बन जाए। उनके अनुसार, ऐसी स्थिति केवल बांग्लादेश ही नहीं बल्कि भारत और पूरे दक्षिण एशिया की सुरक्षा के लिए भी गंभीर चुनौती साबित हो सकती है।
नई दिल्ली स्थित फॉरेन कॉरेस्पॉन्डेंट्स क्लब में आयोजित एक कार्यक्रम को अमेरिका के मैरीलैंड से वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए जॉय ने कहा कि बांग्लादेश की सुरक्षा और लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्थिति लगातार कमजोर हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) सहित कुछ विदेशी एजेंसियां देश में पहले की तुलना में अधिक सक्रिय हैं और उन्हें खुलकर काम करने का अवसर मिल रहा है।
जॉय ने यह भी दावा किया कि अवामी लीग के नेताओं और कार्यकर्ताओं को राजनीतिक रूप से निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि हिरासत में मौत, गैर-न्यायिक हत्याओं और राजनीतिक दमन जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। उनके अनुसार, ऐसी परिस्थितियां लोकतांत्रिक व्यवस्था और कानून के शासन पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
उन्होंने कहा कि यदि हालात में जल्द सुधार नहीं हुआ तो बांग्लादेश में कट्टरपंथी संगठनों और आतंकवादी नेटवर्क को मजबूत होने का अवसर मिल सकता है। उनका मानना है कि भारत की भौगोलिक निकटता और दोनों देशों के घनिष्ठ संबंधों को देखते हुए इसका प्रभाव सीमा सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता पर भी पड़ सकता है।
हालांकि, जॉय द्वारा लगाए गए इन आरोपों पर बांग्लादेश की अंतरिम सरकार या संबंधित अधिकारियों की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसलिए उनके दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि दक्षिण एशिया की सुरक्षा व्यवस्था में बांग्लादेश की स्थिरता महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ऐसे में वहां की राजनीतिक और सुरक्षा स्थिति पर क्षेत्रीय देशों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भी नजर बनी हुई है।



