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स्टोनहेंज रहस्य का खुलासा: एक भूली हुई लकड़ी की संरचना प्राचीन ब्रिटेनवासियों के सूर्य ट्रैकिंग के तरीके को उजागर कर सकती है

लंडन, यूनाइटेड किंगडम

स्टोनहेंज, जो विश्व के सबसे रहस्यमय और पुरातात्विक स्थलों में से एक माना जाता है, के बारे में वैज्ञानिकों ने एक नया खुलासा किया है। हाल ही में प्राप्त Archaeological Journal में प्रकाशित एक अध्ययन में पता चला है कि स्टोनहेंज के आसपास एक भूली हुई लकड़ी की संरचना प्राचीन ब्रिटेनवासियों द्वारा सूर्य को ट्रैक करने के लिए उपयोग की जा सकती थी। इस खोज ने लंबे समय से चले आ रहे सवालों पर नई रोशनी डाली है कि हमपूर्वजों ने समय और मौसम का पता कैसे लगाया।

स्टोनहेंज के विशाल पत्थर, जो लगभग 5000 साल पुराने हैं, को सूर्य की किरणों और उनके चक्रों के साथ जोड़कर देखा जाता रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ये संरचना खगोलीय घटनाओं जैसे गर्मी की संक्रांति (सोल्स्टीस) को चिन्हित करने में मदद करती थी, जो कृषि और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए महत्वपूर्ण थे। लेकिन लकड़ी की इस संरचना के बारे में ज्यादा जानकारी अब तक नदारद थी।

यूनिवर्सिटी ऑफ एक्सेटर के पुरातत्वविद डॉ. एलिजाबेथ हार्पर ने बताया कि इस वृक्ष संरचना का पता लगाने के लिए उन्होंने डिजिटल मानचित्रण और भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण तकनीकों का इस्तेमाल किया। ”हमें मूसलाधार वर्षा के बाद एक विशेष क्षेत्र में लकड़ी के अवशेष मिले, जो कि पत्थर समूह के बाहरी छोर पर स्थित थे। इनके अध्ययन से पता चला कि ये शायद सूर्य की दिशा और समय को समझने के लिए खड़े किए गए थे।”

यह संरचना अत्यधिक नाज़ुक थी, इसलिए वह समय के साथ क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे इस रहस्य का पता लगाना कठिन था। लेकिन इस खोज के बाद माना जा रहा है कि प्राचीन ब्रिटेनवासियों ने सिर्फ पत्थरों तक सीमित रह कर ही सीमित नहीं थे, बल्कि उन्होंने लकड़ी और अन्य प्राकृतिक सामग्रियों का भी प्रयोग सूर्य और मौसम की गणना के लिए किया।

अन्य पुरातत्व विशेषज्ञों ने भी इस खोज की पुष्टि की है और इसे स्टोनहेंज के शोध में अहम मील का पत्थर बताया है। यह न केवल हमारी ऐतिहासिक समझ को गहराई देता है, बल्कि मानव की समय मापन के प्रारंभिक तरीकों को भी सामने लाता है।

विद्वानों का मानना है कि इस प्रकार की संरचनाओं से हमें प्राचीन समाज के वैज्ञानिक दृष्टिकोण, जीवन शैली और पर्यावरण के साथ उनके संबंध को समझने में मदद मिलेगी। साथ ही, यह खोज स्टोनहेंज को एक धार्मिक स्थल से बढकर एक जटिल खगोलीय केंद्र के रूप में प्रस्तुत करती है।

स्टोनहेंज के रहस्यों को सुलझाने के लिए दुनियाभर के इतिहासकार, पुरातत्वविद और वैज्ञानिक निरंतर काम कर रहे हैं, और इस लकड़ी की संरचना की खोज से इस महान धरोहर के व्यापक अध्ययन में नयी दिशा मिली है। भविष्य में और अधिक अध्ययन से उम्मीद है कि प्राचीन ब्रिटेनवासियों के जीवन और उनकी वैज्ञानिक समझ के और भी कई पहलू उजागर होंगे।

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