28 साल तक पुलिस को देता रहा चकमा, ‘डॉ. झटका’ बनकर रह रहा था हत्या का आरोपी; क्राइम ब्रांच ने किया गिरफ्तार

नई दिल्ली
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 28 साल से फरार चल रहे कुख्यात आरोपी राजिंदर बैरागी उर्फ ‘डॉ. झटका’ को मध्य प्रदेश से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी हरियाणा पुलिसकर्मी की हत्या के मामले में वांछित था और लंबे समय से कानून से बचता फिर रहा था। वर्ष 2008 में अदालत उसे भगोड़ा भी घोषित कर चुकी थी।
पुलिस के अनुसार, फरार होने के बाद राजिंदर बैरागी मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले के मुंगावली पहुंच गया। वहां उसने अपना नाम बदलकर राजिंदर सिंह यादव रख लिया और नई पहचान के साथ रहने लगा। उसने वर्ष 2003 में शादी की और स्थानीय स्तर पर झोलाछाप डॉक्टर के रूप में काम शुरू कर दिया। इसी कारण इलाके में लोग उसे ‘डॉ. झटका’ के नाम से पहचानने लगे।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि जनकपुरी थाने के पुराने मामलों की दोबारा जांच के दौरान आरोपी की जानकारी सामने आई। इसके बाद क्राइम ब्रांच की टीम ने तकनीकी निगरानी, सर्विलांस और खुफिया सूचना के आधार पर उसकी लोकेशन ट्रेस की। एसीपी सुरेश कुमार और इंस्पेक्टर संजय कौशिक की टीम ने पांच अगस्त को मुंगावली से उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में हत्या के प्रयास, पुलिस हिरासत से हथकड़ी सहित फरार होने और अन्य गंभीर अपराधों के करीब 10 मामले दर्ज हैं।
पूछताछ में पता चला कि राजिंदर पहले कबड्डी खिलाड़ी था, लेकिन बाद में अपराधियों के संपर्क में आ गया। वर्ष 1998 में सोनीपत में एक शादी समारोह के दौरान हुए विवाद के बाद वह हरियाणा पुलिसकर्मी की हत्या के मामले में आरोपी बना और तब से फरार था।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाया गया है। पुलिस उससे पुराने मामलों और उसके आपराधिक नेटवर्क के संबंध में पूछताछ कर रही है।



