राष्ट्रीय

जनतार मंतर पर भूख हड़ताल चौराहा

दिल्ली, भारत – जनतार मंतर पर चल रही भूख हड़ताल में शामिल प्रदर्शनकारियों ने एकजुट होकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री की तत्काल resignation की मांग की है। यह भूख हड़ताल शिक्षित युवाओं और विभिन्न राजनीतिक समूहों के बीच गहरा समर्थन प्राप्त कर रही है।

प्रदर्शन स्थल पर तीन मुख्य समूहों के प्रतिनिधि मौजूद हैं, जिन्हें ‘हड़ताल त्रिकोण’ के नाम से जाना जा रहा है। इनके बीच केंद्र शिक्षा मंत्री की नीतियों के खिलाफ एकजुट विरोध प्रकट हो रहा है। इन मांगों को लेकर यहाँ की राजनीतिक और सामाजिक सक्रियता का केंद्र बना हुआ है।

इस आंदोलन के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को भी सीजेपी मंच (CJP Stage) पर देखा गया, जहां उन्होंने मंत्री की अदूरदर्शी नीतियों का कड़ा विरोध किया। उनके भाषण ने आंदोलन को नई ऊर्जा दी है और युवाओं को और अधिक संगठित करने का काम किया है।

इसके अलावा, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी-लीनिनवादी) के छह छात्र नेताओं और नौ स्वतंत्र प्रदर्शनकारियों ने हड़ताल त्रिकोण के दोनों ओर बैठकर अपनी सहमति और समर्थन व्यक्त किया है। ये छात्र नेता आंदोलन के छात्रों के पक्ष को मजबूती देते हुए शिक्षा क्षेत्र में हो रहे अव्यवस्थाओं के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।

इस भूख हड़ताल में शामिल प्रदर्शनकारियों का कहना है कि शिक्षा मंत्री की नई नीतियां विद्यार्थियों और शिक्षाविदों दोनों के लिए हानिकारक सिद्ध हो रही हैं। उनका मानना है कि इन नीतियों से शिक्षा प्रणाली में गिरावट आएगी और देश का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा।

स्थानीय प्रशासन ने प्रदर्शन स्थल के आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की है, ताकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से चले। वहीं, कई विपक्षी दलों ने भी इस आंदोलन के प्रति अपनी समर्थन जताया है और सरकार से आग्रह किया है कि वे प्रदर्शनकारियों की मंशा को समझते हुए शिक्षा मंत्री को जवाबदेह ठहराएं।

इस आंदोलन की अभी तक कोई समाप्ति तिथि घोषित नहीं की गई है। आंदोलनकारी अपनी मांगों को लेकर दृढ़ हैं और मीडिया, सरकार तथा आम जनता से संवाद कायम करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।

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