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केतन हत्याकांड: सिया और चेतन आज वडगांव कोर्ट में पेश, पुलिस मांगेगी रिमांड और पॉलीग्राफ टेस्ट की अनुमति

पुणे, महाराष्ट्र। चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में मुख्य आरोपी सिया गोयल और सह-आरोपी चेतन चौधरी आज पुनः वडगांव कोर्ट में पेश होंगे। दोनों की पुलिस रिमांड शुक्रवार को समाप्त होने जा रही है, जिसके चलते लोनावला ग्रामीण पुलिस कोर्ट से उनकी रिमांड बढ़ाने की मांग करेगी। इसके साथ ही, पुलिस दोनों आरोपियों का पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की भी अनुमति लेने वाली है, ताकि मामले से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों का पता लगाया जा सके।

इस पूरे मामले की जांच तेज़ी से आगे बढ़ रही है। 2 जुलाई को पुलिस ने सिया गोयल को उनके घर से बुलाकर जांच के सिलसिले में उनकी एक पैंट भी जब्त की थी, जिसे अहम सबूत माना जा रहा है। इस पैंट के जरिए पुलिस को नए सुराग मिलने की आशंका जताई जा रही है।

गुरुवार को लोनावला ग्रामीण पुलिस ने दोनों आरोपियों से कई घंटे तक गहन पूछताछ की, जिसके बाद दोनों को वडगांव पुलिस स्टेशन के लॉकअप में रखा गया है। पुलिस अधिकारी यह मान रहे हैं कि अब तक की जांच में डिजिटल सबूतों की एक लंबी फेहरिस्त हाथ लगी है, जिनसे आने वाले समय में और भी कुछ खुलासे होने की संभावना है।

पुलिस ने बताया कि जहां केतन अग्रवाल की हत्या हुई, वहां दोनों आरोपियों की मौजूदगी में घटनाक्रम का रिक्रिएशन कराया गया है। इससे पुलिस वारदात की हर छोटी-बड़ी कड़ी को विस्तार से समझने की कोशिश कर रही है।

इससे पहले पुलिस ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया था कि पूछताछ के दौरान सिया गोयल और चेतन चौधरी ने हत्या से पहले ‘मर्डर रिहर्सल’ की बात स्वीकार की थी। बताया गया कि दोनों पहले पुणे के लुला नगर के पहाड़ी इलाके में गए, जो सैन्य क्षेत्र के पास है, और वहां किसी व्यक्ति को पहाड़ी से धक्का देने पर उसकी मौत हो सकती है या नहीं, इसका परीक्षण किया।

जांच के दौरान सामने आया कि इस ‘प्रैक्टिस’ के बाद उन्होंने लोनावला के लोहगढ़ किले की पहाड़ी पर योजना का क्रियान्वयन किया। यहीं केतन अग्रवाल को कथित तौर पर पहाड़ी से धक्का देकर मार डाला गया। पुलिस इस महत्वपूर्ण तथ्य को लेकर आगे की जांच में जुटी हुई है और उम्मीद है कि कोर्ट से रिमांड बढ़ाने व पॉलीग्राफ टेस्ट की मंजूरी मिलते ही मामले में नए खुलासे होंगे।

केतन अग्रवाल हत्याकांड ने पूरे क्षेत्र में सनसनी मचा रखी है और पुलिस इस मामले को शीघ्र सुलझाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है ताकि न्याय प्रणाली के जरिए जल्द से जल्द मानवीय गरिमा के अनुसार कार्रवाई हो सके।

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