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केरल के मुख्यमंत्री ने रियल एस्टेट डेवलपर्स को राज्य के विकास का हिस्सा बनाने के लिए PPP से परे नए मॉडल्स लागू करने का वादा किया

थिरुवनंतपुरम, केरल – सरकार की ओर से विकास कार्यों के लिए करों में वृद्धि नहीं की जाएगी, यह बात आज राज्य के मंत्री सत्यसान ने साफ कर दी है। मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि विकास गतिविधियों के लिए वित्त पोषण में कर वृद्धि सरकार की नीतिगत प्राथमिकता में नहीं है।

मंत्री सत्यसान ने बताया कि सरकार आर्थिक विकास को गति देने के लिए नए मॉडल्स पर कार्य कर रही है, जिनका उद्देश्य केवल कराधान को बढ़ाना नहीं बल्कि निवेश को आकर्षित करना और सार्वजनिक-निजी भागीदारी के बेहतर उदाहरण स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि PPP (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) के साथ-साथ अन्य विकल्पों को भी प्राथमिकता दी जाएगी ताकि रियल एस्टेट सेक्टर और अन्य क्षेत्रों के विकास को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दिया जा सके।

विकास परियोजनाओं को सुचारू रूप से आगे बढ़ाने के लिए सरकार नई नीतियों के तहत विभिन्न मार्गों पर विचार कर रही है, जिनमें निजी निवेशकों को प्रोत्साहित करने के लिए बेहतर नियामक ढांचा और सुविधा उपलब्ध कराना शामिल है। मंत्री ने कहा कि करों में वृद्धि से जनता पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, जो वर्तमान परिस्थितियों में सरकार की इच्छा नहीं है।

इस बीच, आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि केरल की इस नीति से निवेश का माहौल बेहतर होगा और विकास योजनाएं तेजी से लागू हो सकेंगी। जबकि कर वृद्धि न होने की घोषणा से कारोबारियों और रियल एस्टेट डेवलपर्स में आशा बनी हुई है, उन्हें सरकार की इस रणनीति से लाभ मिलने की उम्मीद है।

इसके अतिरिक्त, मंत्री सत्यसान ने यह भी कहा कि राज्य सरकार बाजार की मांग और विकास के आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाओं का पुनर्मूल्यांकन कर रही है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था को स्थिर और सतत विकास की ओर ले जाने के लिए यह एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।

सरकार का यह प्रयास राज्य के विकास को प्रभावित किए बिना वित्तीय संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने का है। मंत्री के अनुसार, विकास के लिए उपयुक्त और टिकाऊ वित्तीय मॉडल अपनाना वर्तमान समय की जरूरत है, जिससे करों का बोझ जनता पर न पड़े और निवेशक भी सुरक्षित महसूस करें।

सरकार के इस दृष्टिकोण को लेकर रियल एस्टेट और अन्य उद्योगों में व्यापक पहल और निवेश बढ़ने की संभावना जताई जा रही है, जो केरल की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में मदद करेगा।

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