सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर बढ़ी देशव्यापी चिंता, BHU के छात्र खिलन कुमार ने शुरू किया शांतिपूर्ण विरोध
"सिर्फ दिल्ली नहीं, हर शहर से उठनी चाहिए आवाज" — फिलॉसफी छात्र खिलन कुमार

नई दिल्ली/वाराणसी | विशेष रिपोर्ट | सुमित तिवारी/ सब तक एक्सप्रेस
प्रसिद्ध शिक्षाविद्, पर्यावरणविद् और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के लगातार बिगड़ते स्वास्थ्य को लेकर देशभर में चिंता गहराती जा रही है। जंतर-मंतर पर जारी उनके अनशन के बीच सामने आई चिकित्सकीय रिपोर्टों में स्वास्थ्य में गिरावट और तेजी से वजन कम होने की जानकारी के बाद विभिन्न सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों, कलाकारों और युवाओं ने उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा और उचित उपचार सुनिश्चित करने की मांग तेज कर दी है।
इसी क्रम में काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU), वाराणसी के दर्शनशास्त्र (Department of Philosophy) के 22 वर्षीय छात्र खिलन कुमार ने भी व्यक्तिगत स्तर पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन शुरू किया है। उनका कहना है कि उनका उद्देश्य किसी राजनीतिक दल, संगठन या संस्था का समर्थन करना नहीं, बल्कि एक जागरूक नागरिक के रूप में देशवासियों का ध्यान सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य और सरकार की जिम्मेदारी की ओर आकर्षित करना है।
खिलन कुमार का मानना है कि यदि आंदोलन केवल दिल्ली तक सीमित रहेगा, तो उसका प्रभाव सीमित हो सकता है। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न शहरों में नागरिक यदि लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाएं, तो सरकार और संबंधित संस्थाओं तक जनता की चिंता अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचेगी।
उन्होंने कहा,
“सोनम वांगचुक देश की एक महत्वपूर्ण धरोहर हैं। मेरा उद्देश्य किसी राजनीतिक दल की राजनीति करना नहीं है, बल्कि लोगों को व्यक्तिगत स्तर पर जागरूक करना है। यदि हर शहर से नागरिक आगे आएंगे, तभी पूरे देश तक यह संदेश पहुंचेगा कि हम उन लोगों की चिंता करते हैं जिन्होंने देश और पर्यावरण के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है।”
देशभर से मिल रहा समर्थन
सोनम वांगचुक के समर्थन में देश के विभिन्न हिस्सों से भी आवाजें उठ रही हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 1,800 से अधिक शिक्षाविदों, कलाकारों, वैज्ञानिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और अन्य प्रमुख हस्तियों ने उनके स्वास्थ्य को देखते हुए उनसे अनशन समाप्त करने की अपील की है। साथ ही सरकार से संवाद के माध्यम से समाधान निकालने का भी आग्रह किया गया है।
स्वास्थ्य को लेकर बढ़ी चिंता
सार्वजनिक रूप से उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अनशन के दौरान सोनम वांगचुक का लगभग 8 किलोग्राम से अधिक वजन कम हो चुका है। चिकित्सकों ने उनके स्वास्थ्य को लेकर गंभीर चिंता जताई है। इसी बीच, उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर दिल्ली उच्च न्यायालय में भी याचिका दायर किए जाने की जानकारी सामने आई है।
“संवाद ही समाधान का रास्ता”
खिलन कुमार ने कहा कि उनका विरोध पूरी तरह शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और संवैधानिक है। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह शीघ्र पहल करते हुए सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य पर आवश्यक ध्यान दे तथा बातचीत के माध्यम से इस स्थिति का समाधान निकाले।
नोट: इस समाचार में खिलन कुमार के बयान को उनके व्यक्तिगत विचार के रूप में प्रस्तुत किया गया है। सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य, अनशन और उससे संबंधित अन्य तथ्य सार्वजनिक रूप से उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों के आधार पर शामिल किए गए हैं।



