जयप्रकाश चतुर्वेदी की स्मृति में अमिलाधाम में लगाए गए सैकड़ों पौधे, दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि
'पेड़ हैं तो प्राण हैं' अभियान के तहत पौधरोपण व पौध वितरण, संदीप मिश्र बोले— जल, जंगल, जमीन और आदिवासी समाज के सच्चे संरक्षक थे जयप्रकाश जी

सोनभद्र | रिपोर्ट: क्षितीश चतुर्वेदी, सब तक एक्सप्रेस
‘पेड़ हैं तो प्राण हैं’ अभियान के तहत अमिलाधाम परिसर में पूर्व एमएलसी एवं वरिष्ठ भाजपा नेता स्वर्गीय जयप्रकाश चतुर्वेदी की स्मृति में पौधरोपण एवं पौध वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्र ने जयप्रकाश चतुर्वेदी के अंतिम संस्कार में पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की तथा शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
इसके बाद अमिलाधाम परिसर में उनकी स्मृति में सैकड़ों पौधों का वितरण किया गया और पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर संदीप मिश्र ने कहा कि जयप्रकाश चतुर्वेदी ने अपना पूरा जीवन जल, जंगल, जमीन, पेड़, पानी और पहाड़ों के संरक्षण तथा आदिवासी समाज के उत्थान के लिए समर्पित किया। उन्होंने कहा कि जयप्रकाश जी आदिवासी समाज को अपने परिवार की तरह मानते थे और उनके अधिकारों एवं विकास के लिए निरंतर कार्य करते रहे। उनका निधन समाज के लिए अपूरणीय क्षति है।
अमिलाधाम सेवा समिति के अध्यक्ष नवलेश गोण ने कहा कि जयप्रकाश चतुर्वेदी हम सभी के संरक्षक थे। उनका जाना पूरे समाज के लिए बड़ी क्षति है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने की प्रार्थना की।
धाम के वरिष्ठ सदस्य लक्ष्मण वादी ने कहा कि जयप्रकाश जी हम सभी के मार्गदर्शक और मसीहा थे। उनकी स्मृति को चिरस्थायी बनाए रखने के लिए पौधरोपण किया जा रहा है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी उनके योगदान को याद रखें।
राजू पासवान ने कहा कि जयप्रकाश चतुर्वेदी समाज के अभिभावक थे। उनके निधन से समाज ने एक सच्चा हितैषी खो दिया है। उनके कार्य और योगदान सदैव लोगों को प्रेरित करते रहेंगे।
कार्यक्रम में उमेश पासवान, कुलदीप पासवान, बिंदू खरवार, मुखलाल चेरो, शत्रुधन बिंद, विजय चौहान, दिनेश चेरो सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।



