US Army Iran Strategy: ईरान पर नए हमले के विकल्प तलाश रहा अमेरिका, सैनिकों से कहा- ‘क्रिएटिव बनें और नए तरीके सोचें’

वॉशिंगटन: ईरान के साथ लगातार बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका अपनी सैन्य रणनीति को और प्रभावी बनाने में जुट गया है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान से निपटने के लिए नए और रचनात्मक सैन्य विकल्पों पर काम शुरू कर दिया है। इसके लिए सैन्य विश्लेषकों, रणनीतिक विशेषज्ञों और विभिन्न स्तरों पर तैनात सैनिकों के साथ विशेष ब्रेनस्टॉर्मिंग सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें संभावित अभियानों के नए तरीकों पर चर्चा हो रही है।
सीएनएन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यूएस सेंट्रल कमांड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सेना के जवानों और अधिकारियों से पारंपरिक रणनीतियों से हटकर नए सुझाव मांगे जा रहे हैं। उनका कहना है कि बदलते सुरक्षा परिदृश्य में केवल पुराने सैन्य मॉडल पर्याप्त नहीं हैं, इसलिए नए विचारों और तकनीकों को भी रणनीति का हिस्सा बनाया जा रहा है।
ईरान को लेकर अमेरिका के सामने सीमित विकल्प
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिकी प्रशासन का मानना है कि ईरान के खिलाफ कार्रवाई को लेकर अब उसके पास पहले की तुलना में कम विकल्प बचे हैं। ऐसे में सैन्य और रणनीतिक स्तर पर हर संभावित योजना का मूल्यांकन किया जा रहा है। हालांकि, अभी तक अमेरिका की ओर से किसी नए सैन्य अभियान या हमले की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
रक्षा मामलों के जानकारों का कहना है कि किसी भी संभावित संघर्ष से पहले सेना द्वारा इस तरह के रणनीतिक विचार-विमर्श करना सामान्य प्रक्रिया होती है। इसका उद्देश्य अलग-अलग परिस्थितियों के लिए बेहतर तैयारी करना होता है।
ट्रंप ने पहले भी दी थी सख्त चेतावनी
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में ईरान को लेकर कड़ा रुख अपनाया था और गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दी थी। वहीं, कुछ रिपोर्टों में यह दावा किया गया कि सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से बातचीत के बाद संभावित सैन्य कार्रवाई को फिलहाल टाल दिया गया। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और अमेरिकी प्रशासन ने इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है।
मध्य पूर्व में बढ़ सकती है हलचल
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ता है तो इसका असर पूरे मध्य पूर्व की सुरक्षा व्यवस्था पर पड़ सकता है। इसके साथ ही वैश्विक तेल बाजार, समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति भी प्रभावित हो सकती है। यही कारण है कि दुनिया की नजर दोनों देशों की गतिविधियों पर बनी हुई है।
फिलहाल, अमेरिका की ओर से नई रणनीतियों पर मंथन की खबर ने यह संकेत जरूर दिया है कि वॉशिंगटन भविष्य की संभावित चुनौतियों के लिए हर स्तर पर तैयारी कर रहा है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इन विचार-विमर्शों का परिणाम किसी वास्तविक सैन्य कार्रवाई के रूप में सामने आएगा या नहीं। ऐसे में आने वाले दिनों में अमेरिका और ईरान दोनों की आधिकारिक प्रतिक्रियाएं इस पूरे घटनाक्रम की दिशा तय करेंगी।



