बहुअरा का कवि सम्मेलन बना अविस्मरणीय, भक्ति से हास्य तक बहा कविताओं का रससागर
ग्रामीण साहित्य जागरण मंच के कवि सम्मेलन में श्रोताओं ने रातभर लुटा काव्य आनंद

संवाददाता/सब तक एक्सप्रेस।
मिर्जापुर। जन्माष्टमी पर्व की छठी पर ग्रामीण साहित्य जागरण मंच द्वारा बहुअरा, जमालपुर में आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन साहित्य प्रेमियों और ग्रामवासियों के लिए अविस्मरणीय अनुभव साबित हुआ। इस आयोजन की अध्यक्षता प्रसिद्ध कवि डॉ. हरिवंश सिंह ‘बवाल’ ने की, जबकि संचालन का दायित्व श्री मिथिलेश गहमरी ने निभाया।
संस्था के अध्यक्ष डॉ. पूर्णेन्दु मिश्र और महामंत्री डॉ. सुरेन्द्र सिंह के संयोजन में आयोजित इस कवि सम्मेलन का शुभारंभ रात्रि 9:30 बजे कवियित्री विभा सिंह द्वारा वाणी वंदना से हुआ। कार्यक्रम का समापन भोर 5:00 बजे अध्यक्षीय काव्य पाठ और परंपरागत स्थगन घोषणा के साथ हुआ।
इस दौरान मंच पर प्रस्तुत कवियों ने भक्ति, प्रेम, श्रृंगार, राष्ट्रीय एकता तथा हास्य-व्यंग्य के रसों से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। काव्य सरिता की इस मधुर धारा में ग्रामवासी डूबते-उतराते रहे और हर प्रस्तुति पर ‘वाह-वाह’ और तालियों की गड़गड़ाहट से समूचा परिसर गूंज उठा।
गांव की यह परंपरा एक बार फिर अपनी सफलता के शिखर पर पहुंची और यह साबित कर गई कि बहुअरा के श्रोता कविता और कवियों के प्रति गहरा सम्मान और अटूट प्रेम रखते हैं।
👉 यह आयोजन न केवल साहित्य की समृद्ध परंपरा को जीवित करता है, बल्कि ग्रामीण समाज में सांस्कृतिक चेतना की मिसाल भी पेश करता है।