
दोषी पति को सश्रम आजीवन कारावास, ₹10 हजार अर्थदंड
सोनभद्र, संवाददाता।
साढ़े तीन वर्ष पूर्व हुए सावित्री देवी हत्याकांड के मामले में शनिवार को सत्र न्यायाधीश राम सुलीन सिंह की अदालत ने अहम फैसला सुनाया। अदालत ने मृतका के पति और आरोपी रग्घू वादी को सश्रम आजीवन कारावास तथा ₹10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर दोषी को 3 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं, जेल में बिताई गई अवधि सजा में समाहित की जाएगी।
मामला क्या था?
अभियोजन पक्ष के अनुसार, मृतका का पुत्र संतोष वादी ने थाना बभनी में तहरीर देकर बताया था कि पिता की मौत के बाद चाचा रग्घू वादी ने उसकी मां सावित्री देवी से विवाह कर लिया था। विवाह के बाद वह अपनी मां को लगातार प्रताड़ित करने लगा।
14 अप्रैल 2022 को बेटी की शादी में मां सावित्री देवी के शामिल होने पर आरोपी नाराज हो गया और विवाद बढ़ गया। इसी दौरान 23/24 अप्रैल 2022 की रात आरोपी ने बेरहमी से सावित्री देवी की पेचकस से गला व मुंह घोंपकर हत्या कर दी। पुलिस ने मौके से शव बरामद कर एफआईआर दर्ज की और जांच शुरू की। पर्याप्त सबूतों के आधार पर न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की गई।
दोनों पक्षों की दलीलें
सुनवाई के दौरान आरोपी पक्ष के अधिवक्ता ने यह कहते हुए कम से कम सजा देने की याचना की कि यह उसका पहला अपराध है। वहीं, जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) ज्ञानेंद्र शरण रॉय ने इसे हत्या का जघन्य अपराध बताते हुए अधिकतम दंड दिए जाने की मांग की।
अदालत का फैसला
गवाहों के बयान और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद अदालत ने आरोपी रग्घू वादी को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही ₹10 हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया।
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