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अयोध्या में सामंतवाद और वर्चस्ववाद चरम पर – लौटनराम निषाद

तारून थाना पुलिस पर पीडीए के उत्पीड़न और पक्षपात का आरोप

सब तक एक्सप्रेस।

लखनऊ/अयोध्या। समाजवादी पार्टी पिछड़ावर्ग प्रकोष्ठ उत्तर प्रदेश के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं गोशाईंगंज विधानसभा क्षेत्र के प्रभारी/प्रत्याशी चौ. लौटनराम निषाद ने अयोध्या में सामंतवादी और वर्चस्ववादी ताकतों के बढ़ते प्रभाव को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के संरक्षण में सामंतवादियों की तानाशाही और गुंडागर्दी चरम सीमा पर पहुंच चुकी है, जिसका सीधा शिकार पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समाज हो रहा है।

लौटनराम निषाद ने आरोप लगाया कि तारून थाना पुलिस सामंतवादी तत्वों के हाथ की कठपुतली बनकर काम कर रही है। अपराध करने वालों पर कार्रवाई करने के बजाय पुलिस निर्दोष पीडीए समाज के लोगों को उठाकर मारपीट, धमकी और धन उगाही कर रही है।

पत्रकार पर हमले और अन्य घटनाओं का उल्लेख

उन्होंने बताया कि हाल ही में हिन्दुस्तान हिंदी दैनिक के पत्रकार राममूर्ति यादव पर कार्यालय के बाहर रॉड से हमला कर उनके दोनों पैर तोड़ दिए गए और सिर पर गंभीर चोटें पहुंचाई गईं। इस मामले में तीन हमलावरों की गिरफ्तारी हुई है, लेकिन मुख्य षड्यंत्रकारी गौरव पांडेय अब तक फरार है। निषाद ने सवाल उठाया कि पुलिस का सर्विलांस सिस्टम आखिर क्यों मुख्य आरोपी तक नहीं पहुंच पा रहा है।

इसी प्रकार 7 दिसंबर को मिल्कियत क्षेत्र के घाटमपुर में रमाकांत यादव पर कथित रूप से सामंती तत्वों द्वारा हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया गया।

गोशाईंगंज क्षेत्र की घटना

गोशाईंगंज विधानसभा क्षेत्र के सोनौरा गऊपुर (सुखदेव तिवारी का पुरवा), थाना तारून में बूथ प्रभारी शिवकुमार वर्मा पर लोहे की रॉड से हमला कर उनके दोनों पैर और हाथ तोड़ दिए गए तथा सिर में गंभीर चोटें पहुंचाई गईं। आरोप है कि मुख्य आरोपी नागेंद्र दत्त तिवारी अभी तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। निषाद का कहना है कि आरोपी ने स्वयं को बचाने के लिए हार्ट अटैक का बहाना बनाकर अस्पताल में भर्ती होने का नाटक किया और पुलिस पहरे के बावजूद फरार हो गया।

पुलिस पर गंभीर आरोप

लौटनराम निषाद ने आरोप लगाया कि पुलिस मोबाइल लोकेशन के नाम पर केवलापुर-तकमीनगंज गांव के निर्दोष लोगों को निशाना बना रही है। कई युवकों को घरों से उठाकर थाने लाया गया, उनके साथ मारपीट की गई और डराकर छोड़ दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि अपराधी थाना परिसर में मिलते, तो क्या पुलिस उनके साथ भी ऐसा ही व्यवहार करती।

उन्होंने यह भी कहा कि पीड़ित शिवकुमार वर्मा का “दोष” केवल इतना था कि उन्होंने अपने घर से समाजवादी पार्टी का झंडा हटाने से इनकार कर दिया।

आंदोलन की चेतावनी

इस मामले को लेकर समाजवादी पार्टी और उससे जुड़े संगठनों के नेताओं ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। समाजवादी लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय सचिव विजय बहादुर वर्मा, पिछड़ावर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव जगन्नाथ पाल सहित अन्य नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि पुलिस की कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हुआ, तो तारून थाने का घेराव कर सड़क पर आंदोलन किया जाएगा।

सरकार पर हमला

लौटनराम निषाद ने कहा कि योगी आदित्यनाथ सरकार भले ही जीरो टॉलरेंस की बात करती हो, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि प्रदेश में अपराधी बेखौफ हैं, पुलिस पर सवाल खड़े हो रहे हैं और पीडीए समाज लगातार उत्पीड़न का शिकार हो रहा है। उन्होंने पार्टी नेतृत्व से पीड़ितों को हर संभव सहयोग दिलाने का भरोसा भी दिया।

सब तक एक्सप्रेस

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