उत्तर प्रदेशलखनऊ

लखनऊ सहित छह स्टेशनों की बदल जाएगी सूरत, ट्रेनों की संख्या होगी दोगुनी; ये है रेलवे का पूरा मास्टरप्लान

रेलवे मंत्रालय ने घोषणा की है कि लखनऊ के छह रेलवे स्टेशनों की ट्रेन संभालने की क्षमता अगले पांच वर्षों में दोगुनी हो जाएगी। लखनऊ देश के उन 48 स्टेशनों में शामिल है जहाँ क्षमता बढ़ाई जाएगी। गोमतीनगर, बादशाहनगर, डालीगंज, लखनऊ सिटी और ऐशबाग जंक्शन स्टेशनों का पुनर्विकास तेजी से किया जा रहा है। गोमतीनगर स्टेशन का पुनर्विकास 377 करोड़ रुपये से हो चुका है। इसके अतिरिक्त, पटरियों की मरम्मत के लिए ट्रैक मेंटेनर को जीपीएस और बॉडी कैम दिए जाएंगे।

HighLights

  1. लखनऊ के छह स्टेशनों की क्षमता पांच साल में दोगुनी होगी।
  2. गोमतीनगर सहित अन्य स्टेशनों का पुनर्विकास तेजी से जारी है।
  3. ट्रैक मेंटेनर को जीपीएस और बॉडी कैम मिलेंगे निगरानी हेतु।

 रेलवे लखनऊ के छह स्टेशनों पर ट्रेनों के आरंभ करने की क्षमता में अगले पांच साल में दाेगुणी वृद्धि करेगा। इसमें से एक स्टेशन लखनऊ देश के उन 48 स्टेशनों की सूची में शामिल हैं, जहां क्षमता को दोगुणा करने की घोषणा शुकवार को रेल मंत्रालय ने की है। रेले मौजूदा टर्मिनलों में अतिरिक्त प्लेटफार्म, स्टेबलिंग लाइन, पिट लाइन और पर्याप्त शंटिंग, मेगा कोचिंग कांप्लेक्स और ट्रैक की क्षमता बढ़ाएगा।

पूर्वाेत्तर रेलवे लखनऊ मंडल प्रशासन गोमतीनगर, बादशाहनगर, डालीगंज, लखनऊ सिटी एवं ऐशबाग जंक्शन स्टेशनों का पुनर्विकास तेजी से करेगा। गोमतीनगर स्टेशन का पुनर्विकास 377 करोड़ रुपये से हो गया है। फरवरी से यहां यात्री सुविधाएं निजी हाथों में होंगी।

डालीगंज जंक्शन स्टेशन को अमृत भारत योजना के तहत 28.45 करोड़ रुपये से संवारा जाएगा। इसी तरह ऐशबाग जंक्शन का पुनर्विकास 24.13 करोड़ रुपये, लखनऊ सिटी स्टेशन का 8.28 करोड़ रुपये, बादशाहनगर स्टेशन का 31.13 करोड़ रुपये से विकास हो रहा है। यहां जून 2026 तक स्काई वाक से मेट्रो स्टेशन को जोड़ने सहित सभी काम पूरे हो जाएंगे। वहीं, उत्तर रेलवे के 10 स्टेशनों को चिन्हित किया गया है। इसमें

लखनऊ के अलावा वाराणसी और अयोध्या शामिल हैं। लखनऊ स्टेशन का पुनर्विकास रेल भूमि विकास प्राधिकरण कर रहा है। यहां दो नए प्लेटफार्म बनेंगे। प्रवेश व निकास की चार लाइन दिलकुशा तक होगी। आलमनगर की ओर नया स्टेशन भवन तैयार हो रहा है। लखनऊ स्टेशन और लखनऊ जंक्शन को स्काई वाक से जोड़ा जाएगा।

ट्रैक मेंटेनर को मिलेंगे बाडी कैम
पटरियों की मरम्मत और उनकी निगरानी के लिए रेलवे अब अपने गैंगमैन और ट्रैकमैन को जीपीएस के साथ ही बाडी कैम भी देगा। इस कैम से ट्रैकमैन और गैंगमैन की लोकेशन की सही जानकारी कंट्रोल रूम को मिलेगी। किसी भी घटना पर वीडियो प्रमाण भी मिल सकेगा। इस नए सिस्टम से ट्रैकमैन के पेट्रोलिंग का सारा रिकार्ड मिल जाएगा।

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