
राहुल शीतलानी, ब्यूरो चीफ – उमरिया / सब तक एक्सप्रेस:
नौरोजाबाद। उमरिया जिले के नौरोजाबाद रेलवे स्टेशन से लगभग चार किलोमीटर दूर स्थित शक्ति पीठ उचेहरा धाम में 4 जनवरी से चल रही श्रीमद्भागवत कथा में आज रुक्मिणी विवाह का भावपूर्ण प्रसंग सुनाया गया। वृंदावन श्रीधाम से पधारे कथावाचक विनयकांत त्रिपाठी ने कथा का सजीव वर्णन करते हुए श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया।
कथावाचक ने बताया कि रुक्मिणी विवाह की कथा प्रेम, भक्ति और धर्म की विजय का प्रतीक है। विदर्भ की राजकुमारी रुक्मिणी ने भगवान श्रीकृष्ण को अपने जीवनसाथी के रूप में स्वीकार किया और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद श्रीकृष्ण ने उनका हरण कर उनसे विवाह किया। यह प्रसंग अधर्म पर धर्म की जीत और ईश्वर के प्रति अटूट श्रद्धा व समर्पण को दर्शाता है।

कथा के दौरान बताया गया कि रुक्मिणी के भाई रुक्मी इस विवाह के विरोध में थे और वे रुक्मिणी का विवाह अपने मित्र शिशुपाल से कराना चाहते थे, लेकिन अंततः भगवान श्रीकृष्ण ने रुक्मिणी से विवाह कर भक्तों की आस्था को सार्थक किया।
रुक्मिणी विवाह के प्रसंग पर पंडाल में मौजूद श्रद्धालुओं ने श्रीकृष्ण और रुक्मिणी पर पुष्प वर्षा कर उत्सव मनाया। पूरा वातावरण भक्ति और उल्लास से सराबोर हो गया। कथा सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर नजर आए और जयकारों से उचेहरा धाम गूंज उठा।



