
सब तक एक्सप्रेस/प्रयागराज।
प्रयागराज में आयोजित माघ मेला के दौरान शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों के साथ कथित पुलिस दुर्व्यवहार के मामले में अब मामला देश की सर्वोच्च अदालत तक पहुंच गया है। इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है।
संत समाज की गरिमा और सुरक्षा का मुद्दा
याचिका में कहा गया है कि माघ मेले जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों में संतों और धर्माचार्यों के सम्मान और सुरक्षा को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश होने चाहिए। आरोप है कि हाल की घटना से संत समाज की भावनाएं आहत हुई हैं।
स्पष्ट दिशा-निर्देश (SOP) बनाने की मांग
याचिकाकर्ताओं ने अदालत से मांग की है कि माघ मेले सहित अन्य धार्मिक कार्यक्रमों के लिए एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार किया जाए। इससे प्रशासन और संत समाज के बीच समन्वय बेहतर हो सकेगा और भविष्य में विवाद की स्थिति से बचा जा सकेगा।
प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अब सभी की नजरें सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और उसके संभावित निर्देशों पर टिकी हैं।

