GBA ने भवन निर्माण में अनुमत विचलन सीमा 5% से बढ़ाकर 15% करने का प्रस्ताव दिया
नई दिल्ली, भारत
गृह निर्माण क्षेत्र में नई सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, ग्रेटर बिल्डिंग अथॉरिटी (GBA) ने भवन निर्माण में अनुमत विचलन सीमा को वर्तमान 5% से बढ़ाकर 15% करने का प्रस्ताव पेश किया है। इस बदलाव का उद्देश्य निर्माण प्रक्रिया को अधिक लचीला बनाना और परियोजनाओं की दक्षता में वृद्धि करना है।
वर्तमान में, भवन निर्माण में योजनाबद्ध मापदंडों और डिजाइनों के अनुसार, निर्माण में केवल 5% की सीमित विचलन की अनुमति दी जाती है, जिसका पालन करना काफ़ी कड़ा होता है। GBA का कहना है कि यह सीमा बढ़ाने से निर्माण क्षेत्र में न केवल कार्य को तेजी मिलेगी, बल्कि लागत संबंधी समस्याओं से भी बचा जा सकेगा।
अनुमत विचलन सीमा बढ़ाने के कारण
- निर्माण में लचीलापन: डिज़ाइन और निर्माण में कुछ छोटे-छोटे बदलाव करना आसान होगा, जिससे समय की बचत होगी।
- परियोजना लागत में कमी: बार-बार डिज़ाइन संशोधन की आवश्यकता कम होने से लागत घटेगी।
- निर्माण गुणवत्ता में सुधार: अधिक स्वतंत्रता के कारण बेहतर निर्माण समाधान अपनाए जा सकेंगे।
GBA के अधिकारी ने बताया कि इस प्रस्ताव को विभिन्न विशेषज्ञों, इंजीनियरों और प्रमाणीकरण निकायों से परामर्श के बाद तैयार किया गया है। इसके लिए एक व्यापक समीक्षा प्रक्रिया भी चल रही है, जिसमें विभिन्न राज्यों के नियामक तंत्र और उद्योग संगठनों की राय ली जा रही है।
हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि विचलन सीमा बढ़ाने से गुणवत्ता नियंत्रण के स्तर में सावधानी रखने की आवश्यकता भी बढ़ेगी, ताकि कोई संरचनात्मक कमी न रह जाए। इसलिए, प्रस्ताव को लागू करने के साथ-साथ कड़े निगरानी और जांच प्रणालियों का भी पालन जरूरी होगा।
GBA का कहना है कि यह प्रस्ताव जल्द ही केंद्रीय और राज्य सरकारों के साथ साझा किया जाएगा और आवश्यक विधायी अनुमोदन मिलने के बाद इसे राष्ट्रीय स्तर पर लागू किया जाएगा।
आवास मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस पहल को स्वागत करते हुए कहा कि भवन निर्माण के नियमों में लचीलापन आने से न केवल निर्माण कार्य आसान होगा बल्कि आवास परियोजनाओं की समयसीमा में भी सुधार होगा। इससे देश में बेहतर और तेजी से आवास विकास को बढ़ावा मिलेगा।
आलोचकों की राय भी आई है कि अधिक विचलन सीमा से कभी-कभी निर्माण में अनियमितताएं भी हो सकती हैं, इसलिए इस नियम को सावधानीपूर्वक और पारदर्शी तरीके से लागू करना आवश्यक है।
कुल मिलाकर, GBA का यह प्रस्ताव भवन निर्माण क्षेत्र में सुधार और विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो भविष्य में निर्माण उद्योग में बदलाव लाने की संभावना रखता है। इसके प्रभाव को देखने के लिए सरकार और संबंधित विभागों के बीच समन्वय और सक्रिय भागीदारी अपेक्षित है।



