बांधवगढ़ में महिला को मौत के घाट उतारने वाले बाघ की मौत, रेस्क्यू के बाद तोड़ा दम
बाघ के हमले में महिला की दर्दनाक मौत, ग्रामीणों में आक्रोश

ब्यूरो चीफ उमरिया : राहुल शीतलानी
उमरिया जिले के बांधवगढ़ क्षेत्र में बाघ के हमले की दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया। देर रात हुए हमले में एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद गांव में दहशत और गुस्से का माहौल बन गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि बाघ कई दिनों से गांव के आसपास घूम रहा था और इसकी जानकारी वन विभाग को लगातार दी जा रही थी, लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। देर रात महिला अपने घर के पास मौजूद थी, तभी बाघ ने अचानक हमला कर दिया। हमला इतना खतरनाक था कि महिला की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की जानकारी फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और वन विभाग के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। ग्रामीणों का कहना था कि यदि समय रहते कार्रवाई की जाती तो महिला की जान बच सकती थी।

इसी दौरान वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन गुस्साए ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब आक्रोशित लोगों ने रेंजर पर हमला कर दिया। हमले में रेंजर के सिर में गंभीर चोट आई है। कर्मचारियों ने किसी तरह उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला।
ग्रामीणों का गुस्सा यहीं नहीं थमा। उन्होंने वन विभाग की गाड़ी में भी जमकर तोड़फोड़ की। वाहन के शीशे तोड़ दिए गए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और हालात को नियंत्रित करने का प्रयास शुरू किया गया। घायल रेंजर सहित चार अन्य घायलों को मानपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है।
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भय का वातावरण बना हुआ है। ग्रामीण रात के समय घरों से बाहर निकलने से डर रहे हैं। बच्चों और महिलाओं में खासा डर देखा जा रहा है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है और वन विभाग की टीम लगातार इलाके में निगरानी कर रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने मृतक महिला के परिजनों को ₹25 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही वन विभाग के अधिकारियों को क्षेत्र में बाघ की गतिविधियों पर नजर रखने और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए ठोस इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक महिला पर हमला करने वाले बाघ को वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू कर बांधवगढ़ लाया था, लेकिन बाद में उसकी भी मौत हो गई। बाघ की मौत के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग की लापरवाही के कारण पहले महिला की जान गई और बाद में बाघ की भी मौत हो गई।
ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव के आसपास सुरक्षा बढ़ाने, नियमित गश्त कराने और वन्यजीवों की गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
यह दर्दनाक घटना एक बार फिर इंसान और वन्यजीव संघर्ष के बढ़ते खतरे को उजागर करती है। ग्रामीणों का कहना है कि जंगल से लगे गांवों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं की गई तो आने वाले समय में और भी बड़ी घटनाएं हो सकती हैं।



