
मिर्जापुर/सब तक एक्सप्रेस।
जनपद मिर्जापुर में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी थमने का नाम नहीं ले रही है। ताजा मामला St. Mary’s School & College से सामने आया है, जहां एडमिशन प्रक्रिया को लेकर जारी एक नोटिस ने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है।
जारी पत्र के अनुसार, स्कूल प्रशासन ने एडमिशन के लिए एकमुश्त एडमिशन फीस और 3 महीने की कंपोजिट फीस जमा करना अनिवार्य कर दिया है। फीस संरचना पर नजर डालें तो UKG से लेकर कक्षा 9 तक हजारों रुपये की भारी भरकम राशि निर्धारित की गई है, जिससे आम अभिभावकों पर आर्थिक दबाव साफ झलकता है।
दस्तावेजों की लंबी सूची भी बनी परेशानी
स्कूल द्वारा जारी निर्देशों में जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड (बच्चे व माता-पिता दोनों का), शपथ पत्र, ट्रांसफर सर्टिफिकेट, मार्कशीट और पासपोर्ट साइज फोटो जैसे कई दस्तावेज अनिवार्य कर दिए गए हैं। अभिभावकों का कहना है कि इतनी जटिल प्रक्रिया और कागजी औपचारिकताएं आम लोगों के लिए मुश्किल खड़ी कर रही हैं।
एकमुश्त फीस जमा करने का दबाव
नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि एडमिशन के समय ही पूरी फीस जमा करनी होगी, जो कई परिवारों के लिए एक बड़ी चुनौती है। खासकर मध्यम और निम्न वर्ग के अभिभावक इसे “शिक्षा के नाम पर आर्थिक शोषण” बता रहे हैं।
सिर्फ अभिभावकों को ही अनुमति
स्कूल ने यह भी अनिवार्य किया है कि एडमिशन के समय केवल माता या पिता ही उपस्थित होकर फॉर्म पर हस्ताक्षर करेंगे, किसी अन्य को अनुमति नहीं दी जाएगी।
उठ रहे सवाल
स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि प्राइवेट स्कूलों की फीस संरचना और नियमों की जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि शिक्षा का अधिकार सभी के लिए समान होना चाहिए, लेकिन इस तरह की मनमानी से यह अधिकार प्रभावित हो रहा है।
प्रशासन की चुप्पी
फिलहाल इस पूरे मामले पर शिक्षा विभाग या जिला प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं आई है, जिससे अभिभावकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
👉 अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और क्या अभिभावकों को राहत मिल पाती है या नहीं।



