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भारत संवेदनशील खनिजों के लिए प्रोसेसिंग वैल्यू चेन तैयार करने के अंतिम चरण में: खनन सचिव

नई दिल्ली, भारत

भारतीय खनन मंत्रालय के सचिव पियूष गोयल ने हाल ही में कहा है कि सरकार संवेदनशील खनिजों के लिए प्रोसेसिंग वैल्यू चेन विकसित करने की योजना के अंतिम चरण में है। यह योजना भारत को वैश्विक खनिज बाजार में आत्मनिर्भर बनाने और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

उन्होंने बताया कि मंत्रालय इस योजना को अंतिम रूप देने के लिए कई संबंधित विभागों और उद्योग जगत के साथ मिलकर काम कर रहा है। इस पहल का उद्देश्य देश के खनिज संसाधनों का अधिकतम लाभ उठाकर उनकी मूल्य वर्धन प्रक्रिया को बढ़ावा देना है।

गोयल ने कहा, “हम संवेदनशील खनिजों के प्रोसेसिंग और वैल्यू चेन के लिए एक मजबूत स्कीम विकसित करने के बिल्कुल अंतिम चरण में हैं, जो कि हमारी खनिज नीति को और अधिक प्रभावी बनाएगी।” उन्होंने यह भी बताया कि इस योजना से न केवल खनिज संसाधनों का बेहतर प्रबंधन होगा, बल्कि रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और भारत की खनिज निर्यात क्षमता में सुधार होगा।

विशेषज्ञों के अनुसार, संवेदनशील खनिज जैसे कोबाल्ट, लिथियम, और निकेल विश्व भर में इलेक्ट्रिक वाहनों, बैटरियों, और अन्य उच्च तकनीकी उपकरणों में उपयोग होते हैं। इसलिए, इन खनिजों की प्रोसेसिंग चेन विकसित करना भारत के लिए रणनीतिक महत्व का विषय बन गया है।

खनन मंत्रालय के प्रमुख उद्देश्यों में से एक यह भी है कि देश की खनिज निर्भरता को कम करते हुए आयात पर निर्भरता घटाई जाए। इसके लिए घरेलू संसाधनों का प्रभावी और पर्यावरणीय दृष्टि से सुरक्षित उपयोग सुनिश्चित करना प्राथमिकता है।

गोयल के अनुसार, खनिज मंत्रालय ने इस योजना के तहत विभिन्न राज्यों में खनिज संसाधन केन्द्र स्थापित करने की भी योजना बनाई है, जिससे स्थानीय स्तर पर प्रोसेसिंग और मूल्य संवर्धन को प्रोत्साहन मिलेगा। इस पहल से राज्यों को आर्थिक लाभ के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास भी प्राप्त होगा।

सरकार की यह योजना डिजिटल और तकनीकी सुधारों से भी लैस है, ताकि खनिज प्रोसेसिंग की दक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। इसके साथ ही, यह योजना निवेशकों के लिए भी आकर्षक बनेगी जो भारतीय खनिज क्षेत्र में निवेश करने के इच्छुक हैं।

इस विकास से भारत न केवल अपनी खनिज संपदा का बेहतरीन उपयोग कर पाएगा, बल्कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भी अपनी स्थिति मजबूत करेगा। पियूष गोयल ने उम्मीद जताई है कि इस योजना को जल्द ही सार्वजनिक किया जाएगा जिससे उद्योग जगत और आम जनता को इसके लाभ संदेशित किए जा सकेंगे।

इस पहल को देश की आर्थिक वृद्धि और ऊर्जा सुरक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है। यह योजना भारत के लिए नयी आर्थिक संभावनाएं लेकर आ सकती है और देश को खनिज संसाधन प्रबंधान में एक मजबूत खिलाड़ी बना सकती है।

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