भारत और न्यूजीलैंड 27 अप्रैल को FTA पर हस्ताक्षर करेंगे; भारतीय निर्यातकों को 100% शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी

नई दिल्ली, भारत – भारत और न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर 27 अप्रैल को हस्ताक्षर होने जा रहे हैं। यह समझौता उन सबसे तेजी से तैयार किए गए व्यापारिक समझौतों में से एक है, जिनमें भारत ने भाग लिया है। मार्च 2025 में वार्ताओं की घोषणा हुई थी और उसी वर्ष दिसंबर तक इन वार्ताओं को सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
इस समझौते के तहत, भारतीय निर्यातकों को न्यूजीलैंड बाजार में 100% शुल्क-मुक्त पहुंच प्रदान की जाएगी, जिससे भारत के लिए नई व्यापारिक संभावनाएं खुलेंगी। यह कदम दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा देने और आर्थिक सहयोग को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह FTA भारत के विविध उद्योगों, खासकर कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, और तकनीकी उत्पादों के निर्यात में वृद्धि करेगा। न्यूजीलैंड भी अपने कृषि उत्पादों और डेयरी क्षेत्र के विकास के लिए भारत के बड़े बाजार का लाभ उठाने के इच्छुक है। इस समझौते से निर्यातकों को आयात शुल्क में कमी के कारण प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिलेगा।
सरकारी सूत्रों ने बताया कि दोनों देशों ने पारस्परिक लाभ को ध्यान में रखते हुए समझौते की शर्तों का सावधानीपूर्वक अध्ययन किया है। यह FTA भारत के लिए दक्षिण पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में अपनी व्यापार स्थिति को मजबूत करने का एक और कदम है।
वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि इससे उत्पन्न होने वाले आर्थिक लाभ भारत की बढ़ती आर्थिक वृद्धि दर को और बल देंगे और रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होगी। निर्यातकों का मानना है कि यह समझौता विदेशी निवेश को आकर्षित करने में सहायक होगा।
वहीं, इस FTA के तहत दोनों देशों में तकनीकी सहयोग और व्यापारिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने के उपाय भी किए जाएंगे, जिनसे व्यापार में तेजी आएगी और लागत भी कम होगी।
कुल मिलाकर, भारत और न्यूजीलैंड के बीच यह FTA न केवल दोनों देशों के लिए आर्थिक विकास के अवसर प्रदान करेगा, बल्कि वैश्विक व्यापार नेटवर्क में उनकी भागीदारी को भी मजबूत करेगा। व्यापार विशेषज्ञों का मानना है कि इस समझौते से क्षेत्रीय आर्थिक सहयोग को एक नया आयाम मिलेगा।



