तेलंगाना में 22 संदिग्ध हीटस्ट्रोक के मामले दर्ज

हैदराबाद, तेलंगाना। राज्य में तेज गर्मी के कारण बीते कुछ दिनों से हीटस्ट्रोक यानी गर्मी लगने की घटनाएं बढ़ी हैं। तेलंगाना के विभिन्न जिलों से अब तक 22 संदिग्ध हीटस्ट्रोक के मामले अधिकारियों को रिपोर्ट किए गए हैं। इनमें से कुछ मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है, वहीं सरकार ने चेतावनी जारी कर आम जनता से सावधानी बरतने को कहा है।
गर्मी की तीव्रता और उमस भरे मौसम के कारण लोगों को गर्मी से बचाव के लिए पर्याप्त पानी पीने, कड़ी धूप में कम निकलने और हल्के रंग के कपड़े पहनने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने भी पूरे राज्य में मेडिकल कैम्प लगाकर जरूरतमंदों के लिए त्वरित चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने का प्रबंध किया है।
सरकारी सूत्रों ने बताया कि फिलहाल हीटस्ट्रोक की पुष्टि किए गए मामलों की संख्या 22 है। यह आंकड़ा बढ़ने की संभावना है क्योंकि मौसम अभी भी अत्यधिक गर्म बना हुआ है। तेज गर्मी के कारण वृद्ध, बच्चे और विशेष रूप से वे लोग जो बाहर काम करते हैं उनको ज्यादा खतरा है। इसलिए स्थानीय प्रशासन खाद्य और जल आपूर्ति के साथ-साथ स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम भी चला रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, हीटस्ट्रोक एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है जिसमें शरीर का तापमान असामान्य रूप से बढ़ जाता है और अगर समय पर उपचार न मिले तो यह जानलेवा भी हो सकता है। तेज धूप में बाहर काम करने वाले मजदूरों, ट्रैफिक पुलिस कर्मियों और अन्य लोगों को नियमित अंतराल पर आराम करने और छाया में बैठने का प्रयास करना चाहिए।
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में तापमान में बढ़ोतरी की संभावना जताई है जिससे गर्मी की तीव्रता और अधिक बढ़ सकती है। लिहाजा, जनता से आग्रह किया गया है कि वे विशेष सावधानी बरतें, ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं और अपने आसपास के लोगों की भी मदद करें। किसी भी संदिग्ध हीटस्ट्रोक के लक्षण जैसे चक्कर आना, कमजोरी, उल्टी या तेज बुखार दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।



