उमरियाटॉप न्यूजबड़ी खबरभोपालमध्य प्रदेश

अधूरा पुल, नाव बनी सहारा: जान जोखिम में डाल सोन नदी पार कर रहे ग्रामीण

भोलगढ़ से शहडोल तक आवागमन के लिए मोटर बोट पर निर्भर लोग, सुरक्षा इंतजामों का अभाव

उमरिया | ब्यूरो चीफ राहुल शीतलानी | सब तक एक्सप्रेस
उमरिया जिले के मानपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत भोलगढ़ के ग्राम छाप से शहडोल जिले के ग्राम पापोंद, सरसी सहित दर्जनों गांवों के ग्रामीण आज भी सोन नदी पार करने के लिए मोटर बोट पर निर्भर हैं। एक जिले से दूसरे जिले तक पहुंचने के लिए लोगों के पास नाव के अलावा कोई दूसरा साधन नहीं है।
ग्रामीणों को रोजाना लगभग एक से डेढ़ किलोमीटर तक नदी मार्ग मोटर बोट से तय करना पड़ता है। इसी रास्ते से लोग बाजार, कामकाज और घरेलू जरूरतों के लिए आवागमन करते हैं। कई लोग अपनी मोटरसाइकिल तक नाव में रखकर नदी पार करते नजर आते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यह सफर हर दिन जोखिम भरा होता है। नाव में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। यात्रियों के लिए न तो लाइफ जैकेट उपलब्ध हैं और न ही किसी तरह की सुरक्षा निगरानी व्यवस्था है। इसके बावजूद मजबूरी में लोग इसी रास्ते का उपयोग कर रहे हैं।
बरसात के मौसम में स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है। सोन नदी का जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव के कारण नाव से सफर करना और खतरनाक हो जाता है। कई बार नाव डगमगाने लगती है, जिससे यात्रियों में भय बना रहता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार सोन नदी पर पुल निर्माण कार्य करीब चार से पांच वर्ष पहले शुरू हुआ था, लेकिन अब तक पूरा नहीं हो सका है। अधूरा पुल ग्रामीणों के लिए परेशानी और अधूरे विकास कार्यों का प्रतीक बन गया है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द पुल निर्माण कार्य पूरा कराने और नाव संचालन में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।
इस संबंध में मानपुर जनपद पंचायत के सीईओ अंकित सिरोठिया ने कहा कि मामले को दिखवाया जाएगा। हालांकि ग्रामीणों को अब आश्वासन नहीं, बल्कि स्थायी समाधान का इंतजार है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!