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वी.डी. सतीशन बने केरल के नए मुख्यमंत्री, 20 मंत्रियों के साथ यूडीएफ सरकार ने संभाली सत्ता

तिरुवनंतपुरम: V. D. Satheesan ने सोमवार, 18 मई 2026 को Kerala के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली। राजधानी तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में आयोजित भव्य समारोह में राज्यपाल Rajendra Vishwanath Arlekar ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके साथ ही राज्य में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) की नई सरकार ने आधिकारिक तौर पर कार्यभार संभाल लिया।

मुख्यमंत्री सतीशन के साथ 20 सदस्यीय मंत्रिमंडल भी शपथ ग्रहण कर रहा है। नई कैबिनेट में कांग्रेस, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) और यूडीएफ के अन्य सहयोगी दलों को प्रतिनिधित्व दिया गया है। राजनीतिक जानकार इसे केरल की राजनीति में बड़े बदलाव के तौर पर देख रहे हैं।

कांग्रेस नेतृत्व की मौजूदगी ने बढ़ाया समारोह का महत्व

शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge, लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi और वायनाड सांसद Priyanka Gandhi Vadra विशेष रूप से मौजूद रहे। कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं और यूडीएफ घटक दलों के प्रतिनिधियों ने भी समारोह में हिस्सा लिया।

राजनीतिक रूप से यह समारोह इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि लंबे समय बाद यूडीएफ ने राज्य की सत्ता में वापसी की है। कांग्रेस नेतृत्व ने इसे जनता के विश्वास की जीत बताया है।

कांग्रेस को सबसे ज्यादा प्रतिनिधित्व

नई कैबिनेट में कांग्रेस के 11 नेताओं को मंत्री बनाया गया है। इनमें प्रमुख नाम Ramesh Chennithala, K. Muraleedharan, A. P. Anil Kumar और P. C. Vishnunath शामिल हैं। इसके अलावा टी. सिद्दीकी, बिंदु कृष्णा, के.ए. तुलसी, रोजी एम. जॉन, एम. लिजू और ओ.जे. जनीश को भी मंत्रिमंडल में जगह मिली है।

IUML और सहयोगी दलों को भी मिला प्रतिनिधित्व

यूडीएफ के प्रमुख सहयोगी दल Indian Union Muslim League के पांच नेताओं को कैबिनेट में शामिल किया गया है। इनमें P. K. Kunhalikutty, एन. शमसुद्दीन, के.एम. शाजी, पी.के. बशीर और वी.ई. अब्दुल गफूर शामिल हैं।

इसके अलावा गठबंधन सहयोगियों में Kerala Congress (Joseph) के मॉन्स जोसेफ, Revolutionary Socialist Party के शिबू बेबी जॉन, Kerala Congress (Jacob) के अनूप जैकब और सी.पी. जॉन को भी मंत्री पद दिया गया है।

नई सरकार से जनता की बड़ी उम्मीदें

वी.डी. सतीशन के नेतृत्व वाली नई सरकार के सामने बेरोजगारी, बुनियादी ढांचे का विकास, महंगाई और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने जैसी कई बड़ी चुनौतियां होंगी। चुनाव प्रचार के दौरान यूडीएफ ने पारदर्शी प्रशासन, निवेश बढ़ाने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने का वादा किया था।

अब राज्य की जनता की नजर इस बात पर होगी कि नई सरकार अपने वादों को किस तरह जमीन पर उतारती है और केरल की राजनीति में किस तरह का बदलाव लेकर आती है।

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