अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद ईरान ने उठाई यह मांग

नई दिल्ली, भारत
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने खाड़ी क्षेत्र में भारत के कमर्शियल जहाज़ों पर अमेरिकी हमलों पर कड़ी निंदा व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं ने क्षेत्रीय सुरक्षा को गंभीर खतरे में डाल दिया है और ऐसे कृत्यों से वैश्विक समुद्री व्यापार प्रभावित होता है।
इस्माइल बकाई ने एक आधिकारिक बयान में बताया कि अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हुई, जो अत्यंत दुखद और अस्वीकार्य है। उन्होंने शांति बनाए रखने और तनाव कम करने के लिए अमेरिका से तुरंत कदम उठाने की मांग की है। बकाई ने सतर्क किया कि आगे ऐसा हुआ तो इसका गंभीर नतीजा भुगतना होगा और इस क्षेत्र में स्थिरता खतरे में पड़ जाएगी।
उन्होंने कहा, “हमारा मानना है कि समुद्री सीमाओं का उल्लंघन और निर्दोष नागरिकों एवं कामगारों को निशाना बनाना युद्धविरोधी और अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है। हम अपील करते हैं कि सभी पक्ष संयम बरतें और विवादों को संवाद से सुलझाएं।”
भारतीय अधिकारियों ने भी इस मामले पर चिंता जताई है और मृतक नाविकों के परिजनों को हर संभव सहायता प्रदान करने की बात कही है। विदेश मंत्रालय ने इस घटना की निष्पक्ष जाँच की मांग की है ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।
क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा को लेकर पिछले कुछ महीनों में तनाव बढ़ा है और इसके चलते व्यापारिक जहाज़ों को खाड़ी के रास्ते आवाजाही में कई बाधाओं का सामना करना पड़ता रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस स्थिति को सुधारने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को मिलकर काम करना होगा।
इस हमले के बाद भारत और ईरान दोनों देशों ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए आपसी सहयोग बढ़ाने का संकल्प लिया है। इस बीच, नागरिक सुरक्षा और व्यापारिक गतिविधियों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से बातचीत भी जारी है।
इस्पष्ट है कि इस घटना ने न केवल तीन भारतीय परिवारों को निजी क्षति पहुंचाई है, बल्कि क्षेत्रीय शांति एवं समृद्धि के लिए भी खतरा उत्पन्न किया है। सभी पक्षों से उम्मीद है कि वे संयम और समझदारी से काम लेकर समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।



