सोनभद्र की पुकार: कैमूर पर्वत श्रृंखलाओं को बचाने के लिए उमड़ा युवाओं और डिजिटल इन्फ्लुएंसर्स का सैलाब
सोन पैलेस में आयोजित विचार-विमर्श में वन, पहाड़ और प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण की उठी मांग, शासन का ध्यान आकर्षित करने का लिया संकल्प

सोनभद्र। वरिष्ठ संवाददाता : राम अनुज धर द्विवेदी, सब तक एक्सप्रेस
उत्तर प्रदेश के औद्योगिक एवं प्राकृतिक संपदा से समृद्ध जनपद सोनभद्र में गुरुवार को विंध्य कैमूर पर्वत श्रृंखलाओं के संरक्षण को लेकर एक महत्वपूर्ण जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। देर शाम तक सोन पैलेस में सैकड़ों की संख्या में युवा, समाजसेवी, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और यूट्यूबर्स एकत्रित हुए और क्षेत्र के वन, पहाड़ तथा प्राकृतिक संसाधनों को बचाने के लिए अपनी चिंता व्यक्त की।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि कैमूर तराई वन क्षेत्र सघन वनों और प्राकृतिक जल स्रोतों का महत्वपूर्ण केंद्र है। इसी क्षेत्र से घाघर, कर्मनाशा और वेलन जैसी नदियों को आधार मिलता है, जिन पर रॉबर्ट्सगंज, घोरावल और मड़िहान क्षेत्र के लाखों किसानों की आजीविका निर्भर है। यदि वन और पर्वतीय क्षेत्र प्रभावित होते हैं तो इसका सीधा असर कृषि, जल स्रोतों और पर्यावरण पर पड़ेगा।
विचार-विमर्श के दौरान उपस्थित लोगों ने कैमूर क्षेत्र के ऐतिहासिक, पौराणिक, आध्यात्मिक और वैज्ञानिक महत्व पर भी प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि यह क्षेत्र मानव सभ्यता के विकास और सृष्टि के इतिहास का महत्वपूर्ण साक्षी माना जाता है, इसलिए इसके संरक्षण की आवश्यकता और भी बढ़ जाती है।
बैठक में सर्वसम्मति से शासन और प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित करते हुए सोनभद्र के वन, पहाड़ और जंगलों को संरक्षित करने की मांग उठाई गई। उपस्थित युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण के लिए जन-जागरूकता अभियान को और व्यापक बनाने का संकल्प भी लिया।



