स्वास्थ्य

भारत का मधुमेह देखभाल में अनुभव विकासशील देशों के लिए मार्गदर्शक बन सकता है: वी. मोहन

चेन्नई, तमिलनाडु। देश में मधुमेह की बढ़ती चुनौती के बीच, चेन्नई के प्रख्यात विशेषज्ञ डॉ. वी. मोहन ने मातहत देशों के लिए भारत के अनुभव को एक उदाहरण बताया है। हाल ही में प्रकाशित एक लेख में, डॉ. मोहन ने मधुमेह की देखभाल के लिए स्थानीय समाधान और एकीकृत प्रणाली अपनाने पर जोर दिया है।

डायबेटोलॉजिया पत्रिका में प्रकाशित इस लेख में उन्होंने तकनीकी हस्तक्षेपों की आवश्यकता को भी रेखांकित किया है। डॉ. मोहन ने एआई चैटबॉट, टेलीमेडिसिन और चिकित्सक निर्णय सहायता उपकरण जैसे तकनीकी उपायों की सिफारिश की है, जो मरीजों की बेहतर देखभाल सुनिश्चित कर सकें। उन्होंने कहा कि मधुमेह जैसी जटिल बीमारी के प्रबंधन में केवल पारंपरिक तरीकों पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है।

डॉ. मोहन का कहना है कि स्थानीय सांस्कृतिक, आर्थिक और भौगोलिक कारकों को ध्यान में रखते हुए उपचार योजना बनाना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि भारत में एकीकृत देखभाल मॉडल, जिसमें मरीज की ज़रूरतों को समझते हुए विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं का संयोजन शामिल है, सफलतापूर्वक लागू किया जा रहा है। इससे न केवल रोगियों को समय पर उपचार मिलता है, बल्कि स्वास्थ्य कर्मियों की भी मदद होती है कि वे बेहतर तरीके से निर्णय ले सकें।

विशेषज्ञों के अनुसार, टेलीमेडिसिन का उपयोग दूर-दराज के इलाकों में मधुमेह रोगियों तक विशेषज्ञ देखभाल पहुंचाने में सहायक साबित हो रहा है। इससे मरीजों को बार-बार अस्पताल आने- जाने की परेशानी से छुटकारा मिलता है, और समय तथा संसाधन दोनों की बचत होती है। वहीं, एआई आधारित चैटबॉट्स मरीजों की निरंतर निगरानी कर सकते हैं और दैनिक जीवनशैली में सुधार के लिए सुझाव प्रदान कर सकते हैं।

डॉ. मोहन के इस दृष्टिकोण से स्पष्ट होता है कि मधुमेह नियंत्रण के लिए केवल दवाओं पर निर्भरता कम कर, तकनीक और स्थानीय परिस्थितियों को समझकर समग्र समाधान निकाले जाने चाहिए। उन्होंने अन्य विकासशील देशों से भी अपील की है कि वे भारत के इस अनुभव का अध्ययन कर अपने मधुमेह प्रबंधन में उन्हीं रणनीतियों को अपनाएं।

मधुमेह भारत सहित विश्व भर में एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन चुका है, और इसका प्रभाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे में डॉ. मोहन जैसे विशेषज्ञों का यह सुझाव सुरक्षित एवं कारगर उपचार पद्धतियों के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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