सोन नदी में डूबने से तीन परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़, तलाश में जुटी SDRF
दो किशोर समेत तीन बच्चों के लापता होने से इलाके में शोक, ग्रामीणों ने अवैध खनन को बताया हादसों की वजह

सोनभद्र। रिपोर्ट : क्षितीश चतुर्वेदी, सब तक एक्सप्रेस।
सोनभद्र जिले में बुधवार को सोन नदी में हुए दो अलग-अलग हादसों ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। चोपन और जुगैल थाना क्षेत्रों में तीन बच्चों के नदी में डूब जाने की सूचना से गांवों में मातम छा गया। घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण नदी तट पर एकत्र हो गए और अपनों की सलामती की दुआ करते रहे।
जानकारी के अनुसार चोपन क्षेत्र में दो किशोर नदी में नहाने गए थे। इसी दौरान वे गहरे पानी में चले गए और देखते ही देखते लापता हो गए। वहीं जुगैल क्षेत्र से भी एक युवक के नदी में डूबने की सूचना मिली। घटनाओं की जानकारी मिलते ही प्रशासन और पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया।
मौके पर एडीएम वागीश शुक्ला, एएसपी अनिल कुमार, एसडीएम विवेक सिंह, सीओ प्रभात राय तथा अन्य अधिकारी पहुंचे और बचाव कार्य की निगरानी शुरू कराई। SDRF और पुलिस की टीमें लगातार सर्च अभियान चला रही हैं।
घटना की सूचना पर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री एवं ओबरा विधायक संजीव सिंह गौड़ तथा पूर्व सांसद नरेंद्र कुशवाहा भी मौके पर पहुंचे। इस दौरान कुछ ग्रामीणों ने नदी में कथित अवैध खनन को लेकर नाराजगी जताई और कहा कि नदी में बने गहरे गड्ढे हादसों का कारण बन रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से जांच कर कार्रवाई की मांग की।
देर शाम तक SDRF की टीम नदी में लापता बच्चों की तलाश में जुटी रही। पूरे इलाके में शोक का माहौल बना हुआ है और परिजन अपने बच्चों के सुरक्षित मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं।



