दतिया उपचुनाव में डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद यूपी की राजनीति में भी बढ़ी हलचल
राजनीतिक विश्लेषकों की नजर अब उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव पर, कई मौजूदा विधायकों की टिकट को लेकर अटकलें तेज

भोपाल/लखनऊ। सब तक एक्सप्रेस।
मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी द्वारा पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटे जाने के फैसले ने प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है। पार्टी ने उनकी जगह आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया, जिसके बाद दतिया में समर्थकों का विरोध भी देखने को मिला।
राजनीतिक गलियारों में अब इस फैसले को केवल मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं माना जा रहा है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पार्टी जीत की संभावना, संगठनात्मक फीडबैक और जनाधार जैसे मानकों के आधार पर बड़े नेताओं के टिकट बदलने की रणनीति अपनाती है, तो इसका असर उत्तर प्रदेश की आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर भी दिखाई दे सकता है।
विश्लेषकों का कहना है कि उत्तर प्रदेश में भी कई ऐसे विधायक और वरिष्ठ नेता हैं, जिनके प्रदर्शन, क्षेत्रीय सक्रियता और जनसंपर्क को लेकर लगातार समीक्षा की जा रही है। ऐसे में आगामी विधानसभा चुनाव में कई दिग्गज नेताओं और लंबे समय से एक ही सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे नेताओं के टिकट पर भी सवाल उठ सकते हैं। हालांकि, इस संबंध में भाजपा की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक संकेत या घोषणा नहीं की गई है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनावी रणनीति के तहत अब राजनीतिक दल केवल वरिष्ठता के आधार पर नहीं, बल्कि जीत की संभावना, संगठन की रिपोर्ट, जनता के बीच स्वीकार्यता और स्थानीय समीकरणों को अधिक महत्व दे रहे हैं। दतिया का फैसला इसी बदलती राजनीतिक सोच का संकेत माना जा रहा है।
फिलहाल उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर सभी दल अपनी-अपनी तैयारियों में जुटे हैं। ऐसे में आने वाले महीनों में प्रत्याशियों के चयन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि क्या मध्य प्रदेश की तरह उत्तर प्रदेश में भी कई बड़े चेहरों के टिकट पर पार्टी नेतृत्व बड़ा फैसला लेता है या नहीं।
(नोट: उत्तर प्रदेश में नेताओं के टिकट कटने संबंधी चर्चा फिलहाल राजनीतिक विश्लेषकों की अटकलों पर आधारित है। इस संबंध में किसी भी राजनीतिक दल की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।)




